हरिद्वार। देश की स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB), पतंजलि योगपीठ हरिद्वार और राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय (RTU), कोटा के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह अनोखी साझेदारी स्कूल और उच्च तकनीकी शिक्षा को एक ही मंच पर लेकर आएगी, जिससे आने वाले समय में विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।
इस महत्वपूर्ण समझौते पर BSB के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. एनपी सिंह और RTU के कुलपति प्रो. निमित चौधरी ने हस्ताक्षर किए।
अब स्कूली स्तर पर ही छात्र बनेंगे ‘टेक-स्मार्ट’
इस समझौते का सबसे बड़ा फायदा स्कूली छात्रों को मिलेगा। उच्च शिक्षा में कदम रखने से पहले ही विद्यार्थी तकनीकी रूप से दक्ष हो सकेंगे। MoU के तहत कई प्रमुख सुविधाओं और पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है:
NSQF आधारित व्यावसायिक पाठ्यक्रम: RTU के सहयोग से राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के अनुरूप विशेष वोकेशनल कोर्स तैयार किए जाएंगे।
RTU की अत्याधुनिक लैब्स तक पहुंच: स्कूली छात्रों को RTU कोटा की मॉडर्न लैब्स और इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
भविष्य की तकनीकों का व्यावहारिक ज्ञान: छात्र केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे; वे AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), रोबोटिक्स, चिप डिजाइन, सौर ऊर्जा और एग्री-टेक जैसे आधुनिक क्षेत्रों में प्रैक्टिकल अनुभव हासिल करेंगे।
मेंटरशिप और ट्रेनिंग: इस पहल में शिक्षकों का प्रशिक्षण, मेंटरशिप, कैंपस इमर्शन प्रोग्राम के साथ-साथ छात्रों के लिए इंटर्नशिप, नवाचार (इनोवेशन) और स्टार्टअप/उद्यमिता के नए अवसर शामिल हैं।
राजस्थान के हजारों विद्यार्थियों के लिए खुलेंगे प्रगति के द्वार
भारत भर में भारतीय शिक्षा बोर्ड (BSB) से संबद्ध स्कूलों की दूसरी सबसे बड़ी संख्या राजस्थान में है। इस लिहाज से यह साझेदारी राज्य के विद्यार्थियों के लिए गेम-चेंजर साबित होने वाली है।
स्कूली स्तर से ही आधुनिक और उभरती हुई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव मिलने से राज्य के हजारों युवाओं को अपने करियर को नई दिशा देने और उज्ज्वल भविष्य का आधार तैयार करने में मदद मिलेगी।












