KGMU के नाम एक और अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता का परचम लहराया है। दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में आयोजित ‘इंटरनेशनल कोलोरेक्टल रिसर्च समिट (iCRS) 2026’ में KGMU की टीम को प्रतिष्ठित “एक्सीलेंट पोस्टर प्रेजेंटेशन” पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 4 से 6 सितंबर तक आयोजित किया गया था, जिसमें दुनिया भर के प्रख्यात कोलोरेक्टल सर्जनों और शोधकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
शोध का विषय और तकनीकी नवाचार
कोरियन सोसाइटी ऑफ कोलोप्रोक्टोलॉजी द्वारा KGMU की टीम को यह सम्मान उनके शोध पत्र “टोटल एक्स्ट्रापेरिटोनियल एंटीरियर रेक्टोपेक्सी (TEAR) फॉर रेक्टल प्रोलैप्स: प्रिलिमिनरी आउटकम्स” के लिए दिया गया। इस शोध में रेक्टल प्रोलैप्स (मलाशय का बाहर आना) के इलाज के लिए एक नई और सुरक्षित सर्जिकल तकनीक का विस्तृत विश्लेषण और इसके शुरुआती सकारात्मक नैदानिक परिणामों (क्लिनिकल आउटकम्स) को प्रस्तुत किया गया था। यह तकनीक मरीजों के त्वरित सुधार और कम जटिलताओं के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वरिष्ठ डॉक्टरों के मार्गदर्शन में मिली सफलता
यह पुरस्कार विभाग के सीनियर रेजिडेंट डॉ. पीयूष सिंह ने प्राप्त किया। उन्होंने यह शोध गैस्ट्रो सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. अभिजीत चंद्रा के कुशल मार्गदर्शन में पूरा किया। इस सफल शोध टीम में विभाग के अन्य युवा और समर्पित डॉक्टर—डॉ. जूली शाह, डॉ. महेश राजशेखरा, डॉ. आकाश अग्रवाल और डॉ. आदिवीथ देब शामिल रहे।
कुलपति ने दी बधाई
KGMU की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूरी गैस्ट्रो सर्जरी टीम को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मिलने वाली यह पहचान विश्वविद्यालय में हो रहे उच्च स्तरीय शोध और चिकित्सीय नवाचारों का प्रमाण है।
iCRS 2026 में मिली यह वैश्विक मान्यता KGMU के गैस्ट्रो सर्जरी विभाग की शोध प्रतिबद्धता को दर्शाती है और अंतरराष्ट्रीय सर्जिकल क्षेत्र में संस्थान के योगदान को और मजबूत करती है।












