लखनऊ। दिवाली के ठीक अगले दिन मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का पर्व इस वर्ष 9 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा का विशेष विधान है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठ उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर ब्रजवासियों की इंद्र के प्रकोप और मूसलाधार बारिश से रक्षा की थी। इस ऐतिहासिक घटना की स्मृति में आज भी घरों में गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाकर उनकी पूजा की जाती है और कई स्थानों पर अन्नकूट का भोग लगाया जाता है।

📅 तिथि एवं पंचांग विवरण (काशी पंचांग के अनुसार)
प्रतिपदा तिथि का प्रारंभ: 9 नवंबर को प्रातः 11:32 बजे से
प्रतिपदा तिथि की समाप्ति: 10 नवंबर को दोपहर 12:38 बजे तक
⏰ गोवर्धन पूजा के शुभ मुहूर्त
ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल (स्वास्तिक ज्योतिष केंद्र, अलीगंज) के अनुसार, पूजा के लिए निम्नलिखित मुहूर्त विशेष शुभ हैं:
प्रातःकाल पूजा मुहूर्त: सुबह 6:41 बजे से 8:51 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:44 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:31 बजे से 5:57 बजे तक












