लखनऊ। प्रदेश के नर्सिंग कर्मियों की वर्षों पुरानी मांग और सेवा संबंधी प्रकरणों के निस्तारण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा और नीतिगत कदम उठाया है। महानिदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएँ, उत्तर प्रदेश, डॉ. पवन कुमार अरुण की तरफ से नर्सिंग संवर्ग के कुल 601 कार्मिकों के लिए एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (ACP) लागू किए जाने की आधिकारिक स्वीकृति दे दी गई है। विभागीय स्तर पर हुई इस त्वरित कार्रवाई से प्रदेश भर के स्वास्थ्य महकमे में कार्यरत नर्सेस के बीच खुशी और उत्साह की लहर है।

सेवा और समर्पण का मिला सम्मान
स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में नर्सिंग संवर्ग को मुख्य रीढ़ की हड्डी माना जाता है। लंबे समय से लंबित एसीपी प्रकरण का निस्तारण केवल एक वित्तीय वृद्धि भर नहीं है, बल्कि यह इन कर्मचारियों की वर्षों की अनवरत सेवा, कठिन परिश्रम और समर्पण का प्रशासनिक सम्मान है। समय पर प्रोन्नति और वित्तीय स्तरोन्नयन न मिलने के कारण कर्मचारियों में जो कुंठा पनप रही थी, इस संवेदनशील निर्णय ने उसे दूर करने का काम किया है।
राजकीय नर्सेस संघ ने जताया आभार
इस ऐतिहासिक निर्णय का स्वागत करते हुए राजकीय नर्सेस संघ उत्तर प्रदेश ने महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण का विशेष आभार प्रकट किया है। संघ के प्रतिनिधियों का कहना है कि महानिदेशक के सकारात्मक रुख और तत्परता के कारण ही 601 परिवारों को समयबद्ध वित्तीय प्रगति का अधिकार मिल सका है। संघ ने इस कदम को विभाग की एक संवेदनशील और पारदर्शी कार्यशैली का प्रतीक बताया।
अन्य मांगों पर भी जल्द निर्णय की उम्मीद
संघ के महामंत्री अशोक कुमार ने बताया किएसीपी का मुद्दा हल होने के बाद अब संघ की निगाहें नर्सिंग संवर्ग की अन्य प्रमुख लंबित समस्याओं पर टिकी हैं। इनमें विशेष रूप से:
भत्तों में संशोधन: समयानुसार विभिन्न सेवा भत्तों का पुनरीक्षण।
गृह जनपद में तैनाती: महिला व वरिष्ठ स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधा हेतु गृह जनपद स्थानांतरण नीति।
समयबद्ध पदोन्नति: रिक्त पदों पर शीघ्र और पारदर्शी प्रोन्नति प्रक्रिया।
संघ ने उम्मीद जताई है कि जिस संवेदनशीलता के साथ एसीपी का निस्तारण किया गया है, उसी गति से विभाग इन प्राथमिक मांगों पर भी शीघ्र कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय लेगा। राजकीय नर्सेस संघ ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के हित में उठाए जाने वाले हर कल्याणकारी कदम का सदैव स्वागत किया जाएगा और विभाग के साथ रचनात्मक सहयोग बना रहेगा।












