कमिश्नर रोशन जैकब का बड़ा फैसला
लखनऊ। त्योहारी सीजन से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) विभाग ने राज्य के उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और हितों को ध्यान में रखते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। प्रदेश की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने नया आदेश जारी करते हुए अब दुकानों के काउंटर पर खुली रखी जाने वाली मिठाइयों पर भी ‘यूज बाई डेट’ (उपयोग की अंतिम तिथि) प्रदर्शित करना कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया है।
यह नया नियम आगामी 15 अक्टूबर 2026 से पूरे राज्य के सभी प्रतिष्ठानों और मिठाई दुकानों पर लागू होगा।
📌 1 से 30 दिन तय होगी मिठाई की उम्र, बासी मिठाइयों की बिक्री पर लगेगी लगाम
आधिकारिक आदेश के मुताबिक, मिठाइयों की प्रकृति और उनके बनने की प्रक्रिया के आधार पर उनकी उपयोग अवधि 1 दिन से लेकर अधिकतम 30 दिन तक तय की जाएगी।
पारदर्शिता पर जोर: डिब्बाबंद (Packed) मिठाइयों पर एक्सपायरी डेट का नियम पहले से लागू था, लेकिन अब ट्रे या काउंटर में रखी खुली मिठाइयों पर भी ग्राहकों को स्पष्ट रूप से अंतिम तिथि दिखेगी।
कानूनी कार्रवाई: यह फैसला ‘खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006’ की धारा 18(1)(ए) और 30(2)(डी) के तहत लिया गया है, ताकि मिलावटखोरी और बासी मिठाई बेचने वाले कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।
🚫 दूध प्रसंस्करण में ‘एथिलीन ग्लाइकोल’ पर लगा पूर्ण बैन, सिर्फ प्रोपिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल की छूट
जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए विभाग ने एक और बड़ा और कड़ा सुरक्षा कदम उठाया है। दुग्ध एवं दुग्ध उत्पादों की प्रोसेसिंग यूनिट्स में कूलेंट (प्रशीतक) के रूप में इस्तेमाल होने वाले केमिकल एथिलीन ग्लाइकोल और डाई एथिलीन ग्लाइकोल के प्रयोग पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
पाश्च्युरीकरण (Pasteurization) या कूलिंग के दौरान अगर उपकरणों में किसी प्रकार का लीकेज होता है, तो ये जहरीले रसायन दूध में मिल सकते हैं, जो मानव शरीर के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं।
विभाग ने अब सुरक्षित विकल्प के रूप में केवल प्रोपिलीन ग्लाइकोल (Propylene Glycol) के उपयोग को ही अनुमति दी है।












