अब एक ही छत नीचे मिलेगा लोहिया संस्थान के विशेषज्ञों का इलाज
लखनऊ। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़ा विस्तार हुआ है। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गुरुवार को अस्पताल में न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी की सुपर स्पेशियलिटी ओपीडी (OPD) के साथ-साथ स्ट्रोक यूनिट, न्यूरोसर्जरी वार्ड और आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का औपचारिक शुभारंभ किया। इस पहल से अब गंभीर और जटिल बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को त्वरित और उच्चस्तरीय इलाज मिल सकेगा।
लोहिया संस्थान के विशेषज्ञ देंगे सेवाएं
सिविल अस्पताल और डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के बीच हुए एमओयू (MOU) के तहत लोहिया संस्थान के वरिष्ठ विशेषज्ञ डॉक्टर सिविल अस्पताल की ओपीडी में नियमित रूप से अपनी सेवाएं देंगे। इससे मरीजों को विशेषज्ञों से परामर्श के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और विशेष रूप से स्ट्रोक व न्यूरो से जुड़े आपातकालीन मामलों में समय पर सटीक उपचार संभव हो सकेगा।
प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों में भी लागू होगा मॉडल
उद्घाटन के दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्पष्ट किया कि यह मॉडल केवल सिविल अस्पताल तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों के बीच इसी तरह का समन्वय बनाकर इस व्यवस्था का विस्तार पूरे प्रदेश में करेगी। इससे केजीएमयू (KGMU), लोहिया संस्थान और एसजीपीजीआई (SGPGI) जैसे बड़े संस्थानों पर मरीजों का बढ़ता बोझ कम होगा और आम जनता को अपने जिले में ही सुपर स्पेशियलिटी इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
70 वर्ष तक के अनुभवी डॉक्टरों को पुनर्नियुक्ति
स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए डिप्टी सीएम ने घोषणा की कि 70 वर्ष की आयु तक के अनुभवी विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं पुनर्नियुक्ति के माध्यम से ली जाएंगी। उनके लंबे अनुभव का सीधा लाभ आम मरीजों को मिलेगा और प्रदेश में विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जा सकेगा।
स्वाइन फ्लू व वायरल संक्रमण पर पैनिक न होने की सलाह
मौसम में बदलाव और स्वाइन फ्लू व वायरल संक्रमण के मामलों पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क और मुस्तैद हैं। घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपील की कि:
लक्षण (बुखार या फ्लू) दिखने पर तुरंत निकटतम सरकारी अस्पताल में परामर्श लें।
भीड़भाड़ वाले इलाकों में मास्क पहनें और कोविड/स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का पालन करें।
सरकारी अस्पतालों में जांच और दवाएं पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध हैं।
इस कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) अमित कुमार घोष, सचिव रितु माहेश्वरी, स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. पवन कुमार अरुण, लोहिया संस्थान के निदेशक डॉ. सीएम सिंह और सिविल अस्पताल के निदेशक डॉ. जीपी गुप्ता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व चिकित्सक उपस्थित रहे।












