राम जानकी मंदिर प्रकरण में पांच आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट

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लखनऊ। ऐशबाग स्थित राम जानकी मंदिर, वाटर वर्क्स रोड के प्रबंधन और मंदिर से जुड़े कथित विवाद में न्यायालय ने पांच आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। मंदिर प्रबंधक ओम प्रकाश गुप्ता की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट तृतीय की अदालत ने नीरज गुप्ता, हरिश्याम याज्ञसेनी, राकेश गुप्ता, अमित गुप्ता और प्रवीण गुप्ता के खिलाफ यह कार्रवाई की है। बाजारखाला पुलिस का कहना है कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।

मामले में आरोपियों की ओर से फरारी के दौरान अग्रिम जमानत के लिए जिला जज की अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया था। अपर सत्र न्यायाधीश उमाकांत जिंदल ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया।
मंदिर प्रबंधक ओम प्रकाश गुप्ता का आरोप है कि वह करीब दस वर्षों से राम जानकी मंदिर की देखरेख कर रहे हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के बाद उन्होंने कुछ लोगों को मंदिर की व्यवस्था में सहयोग के लिए साथ रखा था। आरोप है कि इसी दौरान मंदिर में आने वाले दान और प्रबंधन को लेकर विवाद शुरू हुआ।

शिकायत के मुताबिक, आठ मई 2025 की रात कुछ लोग मंदिर में घुसे और कथित तौर पर दानपात्र तोड़कर उसमें रखी रकम निकाल ली। अगले दिन मंदिर पहुंचे प्रबंधक के भतीजे ने दानपात्र टूटा देखा और पुलिस की आपात सेवा 112 पर सूचना दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इस दौरान मंदिर का सीसीटीवी भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया और विरोध करने पर गाली-गलौज व जान से मारने की धमकी दी गई।

ओम प्रकाश गुप्ता ने यह भी आरोप लगाया कि उनके अशिक्षित होने का फायदा उठाकर कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए और बाद में मंदिर पर कब्जे तथा आर्थिक लाभ के उद्देश्य से कथित फर्जी संस्था तैयार की गई। उन्होंने दस्तावेजों को कूटरचित बताते हुए जांच की मांग की थी।
शिकायत के अनुसार, पुलिस अधिकारियों को दिए गए प्रार्थना पत्रों के बाद बाजारखाला पुलिस ने जुलाई 2025 में जांच कर मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति भी की थी। इसके बाद मामला न्यायालय पहुंचा। अब अदालत से गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।

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