8 घंटे के 800 रुपये; KGMU में दीवारों पर लगे पोस्टर
हाइलाइट्स:
बाहरी जिलों से आने वाले मरीजों और परिजनों को मिलेगी राहत।
नियमित देखभाल, दवा देने से लेकर डॉक्टर से समन्वय तक की मिलेगी सुविधा।
निजी सेवा लेने से पहले अस्पताल प्रशासन ने जारी की सतर्कता गाइडलाइन।
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के सरकारी चिकित्सा संस्थानों और अस्पतालों में अब मरीजों की देखभाल के लिए किराये पर तीमारदार (केयरटेकर) मिलने लगे हैं। केजीएमयू के लारी कॉर्डियोलॉजी सहित विभिन्न अस्पताल परिसरों की दीवारों पर इन सेवाओं से जुड़े पोस्टर और परचे चस्पा किए गए हैं। इन परचों में मोबाइल नंबर दिए गए हैं, जिन पर संपर्क करके परिजन जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित तीमारदार रख सकते हैं।
हालाँकि, यह सेवा प्रदान करने वाली कोई आधिकारिक या पंजीकृत संस्था नहीं है, बल्कि निजी स्तर पर ये सेवाएँ दी जा रही हैं।
8 घंटे की शिफ्ट और 800 रुपये शुल्क
सेवा प्रदाताओं द्वारा किए गए दावों के अनुसार, एक अटेंडेंट को 8 घंटे की शिफ्ट के लिए उपलब्ध कराया जाता है, जिसके लिए 800 रुपये का शुल्क तय किया गया है।
शिफ्ट व्यवस्था: परिजनों की आवश्यकता अनुसार दिन और रात, दोनों शिफ्टों में जेंट्स और लेडीज अटेंडेंट उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
रात का शुल्क: नाइट शिफ्ट के लिए अलग से चार्ज लिया जाता है।
यह सुविधा विशेष रूप से उन परिवारों के लिए काफी मददगार साबित हो रही है, जो दूर-दराज के जिलों से इलाज के लिए लखनऊ आते हैं और मरीज के साथ रुकने में असमर्थ हैं।
क्या-क्या काम करेंगे ये तीमारदार?
दीवारों पर लगाए गए पोस्टरों में दावा किया गया है कि ये अटेंडेंट मरीज की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ध्यान रखेंगे:
मरीज को समय पर दवा देना और खाना खिलाना।
जांच कराने ले जाना और उठाने-बैठाने में मदद करना।
डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ के साथ समन्वय बनाए रखना।
दैनिक आवश्यकताओं में सहायता करना।
(नोट: डायपर बदलने जैसी कुछ विशेष सेवाओं को छोड़कर लगभग सभी सामान्य सहायता इसमें शामिल हैं।)
अस्पताल प्रशासन की चेतावनी: सेवा लेने से पहले बरतें सावधानी
अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के परिजनों को आगाह किया है कि किसी भी व्यक्ति या निजी एजेंसी की सेवा लेने से पहले उसकी पहचान और विश्वसनीयता की पूरी तरह जांच-पड़ताल कर लें।
परिजनों के लिए जरूरी दिशानिर्देश:
लिखित समझौता: तीमारदार उपलब्ध कराने वाली संस्था या व्यक्ति से नियम एवं शर्तों की जानकारी लिखित में लें।
पहचान पत्र: मरीज की सेवा के लिए आने वाले व्यक्ति का मोबाइल नंबर और आधिकारिक पहचान पत्र अवश्य अपने पास रखें।
बहकावे में न आएं: यदि तीमारदार मरीज को किसी बाहरी जगह से दवा या जांच कराने की सलाह दे, तो उसके बहकावे में न आएं और तुरंत अस्पताल प्रशासन को सूचित करें।
महिला मरीजों के लिए: महिला मरीज की देखभाल के लिए केवल महिला तीमारदार की ही मांग करें।
भुगतान नियम: किसी भी स्थिति में सेवा शुरू होने से पहले एडवांस भुगतान करने से बचें।












