‘स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ कल’ अभियान की शुरुआत
खास बातें:
अभियान: केजीएमयू ने शुरू किया ‘स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ कल’ अभियान।
आयोजन: विश्व पर्यावरण माह के मौके पर केजीएमयू परिसर में निकाली गई भव्य जागरूकता रैली।
मकसद: प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम करना, स्वच्छता और बेहतर हाइजीन के प्रति जागरूक करना।

लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) ने पर्यावरण संरक्षण और मरीजों को एक स्वस्थ माहौल देने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने ‘स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ कल’ अभियान का आगाज़ किया है। इसी कड़ी में शनिवार को केजीएमयू परिसर में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसका मुख्य उद्देश्य पूरे परिसर को पूरी तरह से प्लास्टिक मुक्त बनाना और लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना है।
कुलपति कार्यालय से शुरू हुई रैली, छात्रों और डॉक्टरों ने संभाला मोर्चा
विश्व पर्यावरण माह के अवसर पर आयोजित इस रैली की शुरुआत कुलपति कार्यालय से हुई। रैली में चिकित्सा प्रशासन, विश्वविद्यालय पर्यावरण विभाग, नर्सिंग अधिकारियों, कर्मचारियों और भारी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। हाथों में स्लोगन लिखे बैनर और पोस्टर्स लेकर सभी ने लोगों को पर्यावरण बचाने और साफ-सफाई रखने के लिए प्रेरित किया।
रैली के दौरान चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुरेश कुमार ने प्लास्टिक के खतरों पर बात करते हुए कहा:
”प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग न केवल हमारे पर्यावरण को बल्कि मानव स्वास्थ्य को भी गंभीर नुकसान पहुँचा रहा है। केजीएमयू सिर्फ मरीजों को बेहतर इलाज देने तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वच्छ पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को लेकर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी भी पूरी तत्परता से निभा रहा है।
साफ पर्यावरण से घटेगा संक्रमण का खतरा: डॉ. केके सिंह
डीन डॉ. केके सिंह ने स्वच्छता के मेडिकल फायदों को रेखांकित करते हुए कहा कि एक साफ परिसर, स्वच्छ हवा और बेहतर हाइजीन से अस्पतालों में संक्रमण (इन्फेक्शन) फैलने का खतरा बेहद कम हो जाता है। इससे मरीजों को जल्द स्वस्थ होने में मदद मिलती है।
वहीं, पर्यावरण विभाग के प्रभारी डॉ. परवेज ने जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण के लिए आज हमारे द्वारा किए गए छोटे-छोटे प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की नींव रखेंगे।
कार्यक्रम में ये वरिष्ठ डॉक्टर्स रहे मौजूद
इस जागरूकता अभियान को सफल बनाने में क्वीनमेरी की अध्यक्ष डॉ. अंजू अग्रवाल, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. अजय कुमार और यूरोलॉजी विभाग के डॉ. केके सिंह सहित विश्वविद्यालय के कई वरिष्ठ अधिकारी और फैकल्टी मेंबर्स मौजूद रहे।












