SGPGI में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस : निदेशक प्रो. धीमन ने समझाए अष्टांग योग के मायने

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​लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस अत्यंत उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया। संस्थान के लाइब्रेरी कॉम्प्लेक्स स्थित लेक्चर थिएटर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में फैकल्टी, स्टाफ सदस्यों और छात्रों सहित बड़ी संख्या में हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
​कार्यक्रम की शुरुआत में संस्थान के डीन प्रो. शालीन कुमार ने मुख्य अतिथि योगाचार्य डॉ. रवींद्र वर्मा और उनकी पत्नी श्रीमती आँचल वर्मा का परिचय कराया। योग में PhD डॉ. वर्मा को योग, नेचुरोपैथी और फिजिकल फिटनेस के क्षेत्र में 30 से अधिक वर्षों का व्यापक अनुभव है।

​एसजीपीजीआई के निदेशक पद्मश्री प्रो. आर. के. धीमन ने अतिथियों का स्वागत किया। अपने संबोधन में उन्होंने मानसिक मजबूती बढ़ाने और जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए योग के समग्र दृष्टिकोण (holistic approach) पर विशेष जोर दिया।

प्रो. धीमन ने अष्टांग योग के आठ मार्गों का विस्तार से उल्लेख किया:
​यम और नियम (नैतिक और व्यक्तिगत अनुशासन)
​आसन और प्राणायाम (शारीरिक मुद्राएं और श्वास नियंत्रण)
​प्रत्याहार और धारणा (इंद्रिय नियंत्रण और एकाग्रता)
​ध्यान और समाधि (गहन चिंतन और आत्मज्ञान)
​उन्होंने कहा कि ये आठ मार्ग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक कल्याण का संपूर्ण जरिया हैं।

​इसके बाद, योगाचार्य डॉ. वर्मा के मार्गदर्शन में सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास किया। कार्यक्रम के अंत में योग गुरु ने सभी को मानसिक संतुलन, शांति, और वैश्विक स्वास्थ्य के प्रचार-प्रसार की प्रतिज्ञा दिलाई।
​अंत में, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेंद्र गुप्ता ने सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। यह सफल आयोजन प्रिवेंटिव हेल्थकेयर और स्वस्थ जीवन शैली के प्रति अस्पताल की निरंतर प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।

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