भूखों को भोजन कराने में सोच से आगे निकला लखनऊ का फूड मैन
मरीजों के तीमारदारों को निःशुल्क भोजन कराकर निभा रहा इंसानियत का धर्म, विजयश्री फाउंडेशन की मुहिम बनी मिसाल
लखनऊ। राजधानी लखनऊ में एक ऐसा वास्तविक भारतीय नायक भी है, जिसन बिना किसी दिखावे के इंसानियत की ऐसी मिसाल पेश की है, जिसे लोग अब फूड मैन के नाम से जानने लगे हैं।
विशाल सिंह नाम का यह साधारण युवा आज हजारों जरूरतमंदों के लिए उम्मीद का दूसरा नाम बन चुका है। भूख से जूझ रहे गरीबों और अस्पतालों में भर्ती गंभीर रोगियों के तीमारदारों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराने का जो बीड़ा उन्होंने उठाया, वह आज एक बड़े सामाजिक अभियान का रूप ले चुका है।
विजयश्री फाउंडेशन के तत्वाधान में शुरू हुई यह सेवा लखनऊ मेडिकल कॉलेज के एक छोटे से हाल से शुरू होकर अब बलरामपुर अस्पताल और डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल तक पहुंच चुकी है।
विशाल सिंह का मानना है कि असली रक्षक वह नहीं, जो काल्पनिक ताकतों से दुनिया बचाए, बल्कि वह है जो किसी भूखे के पेट की आग बुझा सके। यही सोच उन्हें दिन-रात जरूरतमंदों की सेवा के लिए प्रेरित करती है। कैंसर जैसे असाध्य रोगों से जूझ रहे मरीजों के तीमारदारों को घर जैसा अपनापन देकर भोजन कराना, बिना किसी जाति, धर्म और ऊंच-नीच के भेदभाव के सेवा करना, आज उनकी पहचान बन चुकी है।
जहां गैर जनपदों से आये तीमारदारों अच्छे भोजन के लिए परेशान हो रहे होते हैं, ऐसे समय में विशाल सिंह जैसे लोग इन लोगो भरपेट भोजन कर कर यह संदेश दे रहे हैं कि असली ताकत इंसानियत, सेवा और समर्पण में होती है।
लखनऊ में फूड मैन की यह पहल सिर्फ भोजन वितरण तक सीमित नहीं, बल्कि समाज को एकजुट करने और मानवता का संदेश देने का माध्यम बनती जा रही है।











