लखनऊ। पीजीआई क्षेत्र में महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है और आरोपी भी उसी संस्थान में रेजिडेंट डॉक्टर है। पुलिस ने दिल्ली निवासी आरोपी सचिन गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है, जबकि वह फिलहाल फरार बताया जा रहा है।
रिश्ते का भरोसा, फिर शोषण का आरोप, खिलाता रह गर्भ निरोधक गोलियां
पीड़िता के मुताबिक नवंबर 2023 में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जो अगस्त 2024 तक चलीं। इस दौरान आरोपी ने शादी का भरोसा देकर पीजीआई हॉस्टल, विभाग, होटल और कार में कई बार संबंध बनाए। पीड़िता का आरोप है कि उसके साथ अप्राकृतिक यौन शोषण किया गया, जबरन नशा कराया गया और गर्भ निरोधक गोलियां भी खिलाई गईं।
शादी से इनकार, बदनाम और धमकी का आरोप
पीड़िता का कहना है कि जब उसने शादी का दबाव बनाया तो आरोपी ने दूरी बना ली और अन्य लड़कियों से संबंध बढ़ाने लगा। विरोध करने पर उसे विभाग में बदनाम किया गया, जिससे वह मानसिक अवसाद में आ गई और एक बार आत्म हत्या का भी प्रयास किया। यही नहीं जबसे पीड़िता न्याय के लिए आवाज उठाने लगी तबसे उसे लगातार धमकाया जा रहा है।
न्याय के लिए दर-दर भटकी पीड़िता
पीड़िता ने 24 फरवरी को पीजीआई पुलिस से शिकायत की। इसके बाद 16 मार्च को पीजीआई अस्पताल की विशाखा कमेटी, 24 मार्च को वन स्टॉप सेंटर और 30 मार्च को महिला आयोग में भी गुहार लगाई। बावजूद इसके कार्रवाई लंबित रही। अंततः महीनों की दौड़भाग के बाद मंगलवार रात मुकदमा दर्ज किया गया।
पीजीआई इंस्पेक्टर धीरेंद्र सिंह ने बताया कि विशाखा कमेटी की रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। फिलहाल पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश की
लखनऊ में रेजिडेंट डॉक्टर से दुष्कर्म का आरोप, शादी का झांसा देकर शोषण; आरोपी फरार
लखनऊ। संजय गांधी पीजीआई क्षेत्र में एक महिला रेजिडेंट डॉक्टर के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता पश्चिम बंगाल की रहने वाली है, जबकि आरोपी भी उसी संस्थान में रेजिडेंट डॉक्टर बताया जा रहा है। पुलिस ने दिल्ली निवासी सचिन गुप्ता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है, लेकिन वह फिलहाल फरार है।
पीड़िता के अनुसार नवंबर 2023 में दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, जो अगस्त 2024 तक जारी रहीं। इस दौरान आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर पीजीआई हॉस्टल, विभाग, होटल और कार में कई बार शारीरिक संबंध बनाए।
महिला का आरोप है कि उसके साथ अप्राकृतिक यौन शोषण किया गया, जबरन नशीले पदार्थ दिए गए और गर्भ निरोधक गोलियां खिलाई जाती रहीं। पीड़िता का कहना है कि जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने दूरी बना ली और अन्य लड़कियों से संबंध बढ़ाने लगा। विरोध करने पर उसे विभाग में बदनाम किया गया।
🔴 महीनों भटकने के बाद दर्ज हुआ केस
पीड़िता ने 24 फरवरी को पीजीआई थाने में शिकायत दी थी। इसके बाद: 16 मार्च: अस्पताल की विशाखा कमेटी में शिकायत, 24 मार्च: वन स्टॉप सेंटर में गुहार, 30 मार्च: महिला आयोग में प्रार्थना पत्र । लगातार प्रयासों के बावजूद कार्रवाई लंबित रही। अंततः मंगलवार रात पुलिस ने मामला दर्ज किया।
पीजीआई थाना प्रभारी धीरेंद्र सिंह के मुताबिक, विशाखा कमेटी की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है। फिलहाल पीड़िता की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, वहीं संस्थान की आंतरिक जांच रिपोर्ट का इंतजार है।











