नवजात शिशु में पीलिया होने पर माँ को सही आहार आवश्यक 

0
54

मां का पोषक आहार शिशु के स्वास्थ्य और दूध की गुणवत्ता को बेहतर बनाता है

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

लखनऊ। वर्तमान स्थितियों में नवजात शिशु में Neonatal Jaundice (पीलिया) एक सामान्य स्थिति है, जिसमें शिशु की त्वचा और आँखें पीली दिखाई देती हैं। इस अवस्था में उपचार का सबसे महत्वपूर्ण आधार है — बार-बार स्तनपान (Breastfeeding)।

केजीएमयू  की वरिष्ठ डायटिशियन मृदुल विभा ने बताया कि  माँ का संतुलित और पोषक आहार शिशु के स्वास्थ्य और दूध की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाता है।

 

 

 

 

 

 

 

. पर्याप्त तरल पदार्थ (Hydration)

 

माँ को दिन में कम से कम 2.5–3.5 लीटर तरल लेना चाहिए।

 

सादा पानी, नारियल पानी, छाछ, सूप इससे दूध का उत्पादन (milk production) बेहतर होता है और शिशु को बार-बार दूध मिल पाता है, जिससे पीलिया कम होने में मदद मिलती है।

 

 

 

 

उच्च प्रोटीन युक्त आहार

 

प्रोटीन माँ की रिकवरी और दूध बनने के लिए आवश्यक है।

 

दालें, पनीर, दूध, दही

अंडा, चिकन (यदि सेवन करती हों)

 

पर्याप्त प्रोटीन से दूध की गुणवत्ता सुधरती है। ऊर्जा देने वाले कार्बोहाइड्रेट ,साबुत अनाज: गेहूं की रोटी, दलिया, ओट्स, ब्राउन राइस। इससे माँ को ऊर्जा मिलती है और कमजोरी नहीं होती।

 

स्वस्थ वसा (Healthy Fats)

 

 

 

 

सीमित मात्रा में देसी घी

सूखे मेवे (बादाम, अखरोट), अलसी के बीज

हार्मोनल संतुलन और दूध उत्पादन में सहायक

 

आयरन व कैल्शियम युक्त आहार ,हरी पत्तेदार सब्जियाँ (पालक, मेथी), गुड़, खजूर ,दूध व दुग्ध उत्पाद – प्रसव के बाद माँ की रिकवरी के लिए जरूरी

 

 

 

 

फल व सब्जियाँ

 

मौसमी फल (सेब, पपीता, केला)

विटामिन C युक्त फल (आंवला, संतरा)

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और पोषण संतुलन बनाए रखते हैं।

 

पारंपरिक लेकिन लाभकारी विकल्प

 

अजवाइन पानी

सौंफ

मेथी (सीमित मात्रा में)

हल्दी वाला दूध

 

ये पाचन सुधारते हैं और स्तनपान में सहायक माने जाते हैं।

 

किन चीजों से परहेज करें

 

अधिक तला-भुना व मसालेदार भोजन

पैकेज्ड व जंक फूड

धूम्रपान व शराब

अत्यधिक मीठा

 

माँ का आहार सीधे पीलिया का इलाज नहीं करता

बार-बार स्तनपान (दिन में 8–12 बार) सबसे प्रभावी उपाय है ।गंभीर स्थिति में डॉक्टर द्वारा फोटोथेरेपी की आवश्यकता हो सकती है

 

 

 

 

नवजात पीलिया में माँ का आहार संतुलित, पौष्टिक और तरल पदार्थों से भरपूर होना चाहिए। सही पोषण से स्तनपान बेहतर होता है, जिससे शिशु के शरीर से बिलीरुबिन बाहर निकलने में मदद मिलती है और पीलिया जल्दी ठीक होता है।

 

 

Previous articleकैंसर संस्थान : न्यूक्लियर मेडिसिन की इकलौती डॉक्टर का इस्तीफा, सेवाएं प्रभावित

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here