हजरतगंज में लव जिहाद के खिलाफ महापंचायत, हजारों की जुटान

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पटेल प्रतिमा पर गूंजी हजारों की आवाज, कड़े कानून की उठी मांग

 

 

 

 

 

 

 

 

 

लखनऊ। राजधानी के प्रतिष्ठित क्षेत्र हजरतगंज स्थित पटेल प्रतिमा पर रविवार को हिन्दू बेटी बचाओ संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एक युद्ध – लव जिहाद के विरुद्ध महापंचायत आयोजित की गई, जिसमें हजारों लोगों की भागीदारी देखने को मिली। युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की उपस्थिति के बीच कार्यक्रम शांतिपूर्ण और अनुशासित माहौल में संपन्न हुआ। आयोजन के दौरान समाज की बेटियों की सुरक्षा, त्वरित न्याय और सख्त कानून लागू करने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई।
सुबह से ही लोगों का आना शुरू हो गया था, जो देखते ही देखते बड़ी संख्या में बदल गया। कार्यक्रम संयोजक अनुराग शुक्ला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भी प्रेषित किया गया। अनुराग शुक्ला ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए ठोस नीति, फास्ट ट्रैक कोर्ट तथा सख्त कानून आवश्यक हैं। उन्होंने विवाह जैसे निर्णयों में परिवार की सहमति को सामाजिक संतुलन के लिए महत्वपूर्ण बताया।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

महापंचायत में विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने मंच साझा कर जागरूकता का संदेश दिया। विजय बहादुर सिंह ने सामाजिक एकजुटता को परिवर्तन का आधार बताया। संतोष तिलहन ने अभियान को गांव-गांव तक ले जाने की बात कही। अनीता तिवारी ने महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए संयुक्त प्रयासों पर जोर दिया। एडवोकेट राजेश सिंह ने कानूनी प्रक्रिया को सरल और त्वरित बनाने की मांग रखी।
मंटू सिंह ने कहा कि संगठित समाज हर चुनौती का सामना कर सकता है। अनिल चौबे ने ऐसे आयोजनों को जागरूकता के लिए आवश्यक बताया। बाबू भाई मिश्रा ने सकारात्मक सोच के साथ सामूहिक प्रयासों का आह्वान किया। भानू प्रताप सिंह ने युवाओं को जिम्मेदार और सजग बनने पर बल दिया। सूर्यभान ने इसे संवाद और एकजुटता बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बताया।
भारी भीड़ के बावजूद आयोजन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। प्रतिभागियों ने बैनर और पोस्टर के माध्यम से अपनी मांगें रखीं, लेकिन कहीं भी अव्यवस्था नहीं देखी गई।

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

महापंचायत में जागरूकता अभियान तेज करने, पीड़ित परिवारों को सहयोग देने और सामाजिक समन्वय बढ़ाने के प्रस्ताव भी सामने आए। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना और सकारात्मक समाधान की दिशा में आगे बढ़ना है।
हजरतगंज की पटेल प्रतिमा से उठी यह आवाज व्यापक सामाजिक विमर्श का रूप लेती दिखाई दी, जिसमें सुरक्षा, जागरूकता और सामाजिक समन्वय को लेकर लोगों ने एकजुट होकर अपनी बात रखी।

 

 

 

 

 

 

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