केजीएमयू व लोहया में स्लीप डे पर हुआ कार्यक्रम
लखनऊ । लोगों में नींद संबंधी बीमारी लगातार बढ़ रही है। आंकड़ों को देखा जाए तो 20 से 30 प्रतिशत लोग नींद संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। लोगों को रात में सोते वक्त कई बार नींद टूट जाती है। अधूरी या गड़बड़ नींद की वजह से तमाम तरह की गंभीर बीमारी होने के साथ ही हार्ट अटैक तक पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। यह बात केजीएमयू पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. वेद प्रकाश ने बृहस्पतिवार को स्लीप डे के अवसर पर जागरुकता कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही ।
शताब्दी भवन स्थित विभाग के प्रेक्षागृह में कार्यक्रम में डॉ. वेद प्रकाश ने कहा कि अच्छी नींद से बेहतर जीवन जिया जा सकता है। नींद में खलल से दिल संबंधी बीमारी का खतरा बढ़ जाता है। बेकाबू शुगर, बीपी, मोटापा हो सकता है।
लगातार नींद में खलल से दिल की गंभीर बीमारी हो सकती है। दिल का दौरा पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि 10 प्रतिशत वयस्क अनिद्रा संबंधी बीमारी से पीड़ित हैं। सात प्रतिशत वयस्क मोटापा की चपेट में हैं। जो नींद संबंधी बीमारी का बड़ा कारण है।
लोहिया संस्थान में भी स्लीप डे पर कार्यशाला हुई। पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. अजय वर्मा ने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत नींद संबंधी बीमारी से पीड़ितों को शुरुआत में लक्षण नजर नहीं आते हैं। लगभग चार से पांच प्रतिशत वयस्क निद्रा के अन्य विकार जैसे नींद में चलना जैसी समस्या की चपेट में हैं। उन्होंने कहा कि आपकी अच्छी नींद स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आवश्यक है। अच्छी नींद तंदुरुस्ती को बढ़ाती है। जबकि खराब नींद आपके शरीर और मन के लगभग सभी पहलुओं पर नकारात्मक प्रभाव डालती है।












