लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में नेत्र रोग विभाग के पीछे स्थित मजार के आसपास किये गये अवैध कब्जे को शनिवार हटाया गया। केजीएमयू प्रशासन व पुलिस की मौजदूगी में बांस-बल्ली की बैरिकैडिंग हटा दिया गया है।
बताते चलें कि मजार के आसपास कुछ लोगों ने होली की रात में लकड़ी और बांस-बल्ली लगाकर बैरिकैडिंग कर दी गई थी। जिससे उस क्षेत्र में अनधिकृत कब्जे जैसी स्थिति बन गई थी। केजीएमयू प्रशासन ने चौक पुलिस को मामले की जानकारी दी। शनिवार को केजीएमयू प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में बैरिकैडिंग को हटवा दिया। कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने लकड़ी और बांस-बल्ली से बनाई गई घेराबंदी को हटाकर क्षेत्र को खाली कराया।
kgmu प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि केजीएमयू परिसर में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय की भूमि पर भविष्य में किसी भी तरह का अनधिकृत कब्जा नहीं होने दिया जाएगा। कार्रवाई के दौरान स्थिति पूरी तरह सामान्य रही। किसी प्रकार का विरोध सामने नहीं आया। प्रशासन ने परिसर में नियमित निगरानी जारी रखने की भी बात कही हैं।
केजीएमयू परिसर के अंदर इतनी बड़ी मात्रा में बांस-बल्ली कैसे पहुंची? यह एक गंभीर सुरक्षा चूक का मामला है। डॉ. केके सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। जांच के बाद यदि किसी सुरक्षा कर्मी या संबंधित व्यक्ति की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो।












