लखनऊ। होली के हुड़दंग में से अधिक लोग घायल हो गए। 300 से अधिक घायलों को सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। वहीं लगभग 100 घायलों ने निजी अस्पतालों में इलाज दिया गया। सबसे ज्यादा नशे की हालत में गाड़ी चलाने के कारण घायल हुए। नशे की हालत में बाइक और कार दौड़ाने वाले लोग खुद भी चोटिल हुए और दूसरों को भी घायल कर गए।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर, बलरामपुर, सिविल, लोहिया, राम सागर मिश्र, लोकबंधु और निजी अस्पतालों की इमरजेंसी में घायलों की लंबी कतार लग गई। किसी को हेड इंजरी हुई तो किसी के हाथ-पैर में फ्रैक्चर हो गया। कई लोगों के चेहरे और शरीर पर गहरी चोटें आई हैं। डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश घायल ऐसे लोग हैं जो नशे में वाहन चला रहे थे। तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाने वाले भी घायल हुए थे।
ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि होली में दोपहर तक इमरजेंसी वार्ड फुल हो गया था। लगभग 248 मरीज ट्रॉमा सेंटर पहुंचे। सड़क हादसे में घायल होकर 72 लोग पहुंचे। इनमें से कई लोगों के सिर में गंभीर चोटें सात मरीज फूड प्वाइजनिंग के शिकार होकर पहुंचे। दो अज्ञात मरीज रहे।
बलरामपुर अस्पताल के सीएमएस डॉ. हिमांशु चतुर्वेदी ने बताया कि 365 मरीज इमरजेंसी ओपीडी में पहुंचे। जिसमें से 51 मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी। बाकी को प्राथमिक इलाज मुहैया कराने के बाद घर भेज दिया गया। 21 घायलों को टांके लगाने की जरूरत पड़ी। उन्होंने बताया कि होली में 73 लोग रैबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। जिसमें से 70 प्रतिशत पुराने व 30 प्रतिशत नए मरीज शामिल हैं।
वही सिविल अस्पताल में 70 मरीज आए। जिसमें 17 मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है।
लोहिया संस्थान की इमरजेंसी ओपीडी में 246 मरीज पहुंचे। सर्जरी विभाग में 75 मरीजों को इलाज उपलब्ध कराया गया। दो गंभीर मरीजों को आईसीयू में भर्ती किया गया। तीन मरीजों को भर्ती किया गया। बाकी मरीजों को प्राथमिक इलाज के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। हड्डी रोग विभाग में 27 घायल पहुंचे। जबकि इमरजेंसी मेडिसिन विभाग में 144 मरीज पहुंचे। दो गंभीर मरीज गंभीर हाल में भर्ती हैं। कुल 30 मरीज भर्ती किए गए हैं।
पीजीआई के एपेक्स ट्रॉमा सेंटर में 74 घायल पहुंचे। जिसमें 20 से ज्यादा मरीजों को भर्ती करने की जरूरत पड़ी। रानी लक्ष्मीबाई, ठाकुरगंज संयुक्त चिकित्सालय, महानगर भाऊराव देवरस और बीकेटी साढ़ामऊ स्थित राम सागर मिश्र हॉस्पिटल में 75 से ज्यादा मरीजों को भर्ती कर इलाज उपलब्ध कराया गया।












