kgmu: SIB SHInE को फुट ड्रॉप मरीजों के लिए विकसित नवीन मेडिकल डिवाइस का पेटेंट

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लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिज़ाइन सिंजर्जीजिंग हेल्थकेयर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (SIB SHINE) को फुट ड्रॉप रोगियों के लिए विकसित एक नवीन मेडिकल तकनीक के लिए एक और पेटेंट प्राप्त हुआ है।

यह पेटेंटेड डिवाइस फुट ड्रॉप से पीड़ित मरीजों को सामान्य रूप से चलने में सहायता करती है, जिससे चलते समय पैर घसीटने की समस्या से राहत मिलती है। इस नवाचार पर कार्य की शुरुआत वर्ष 2022 में SIB SHINE के प्रथम कोहोर्ट के दौरान की गई थी। इस डिवाइस का विकास बायोडिज़ाइन फेलो इंजीनियर कुशाय अस्थाना एवं इंजीनियर पृथु प्रसाद ‌द्वारा किया गया।

इस परियोजना के लिए क्लिनिकल मार्गदर्शन प्रो. डॉ. अनिल गुप्ता, विभागाध्यक्ष, भौतिक चिकित्सा एवं पुनर्वास विभाग, किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी, लखनऊ तथा डॉ. गणेश कुमार द्वारा प्रदान किया गया। वहीं, इंजीनियरिंग मार्गदर्शन भारतीय प्रौ‌द्योगिकी संस्थान, कानपुर के प्रो. अर्जुन रामकृष्णन द्वारा दिया गया।

यह एक वियरेबल (पहनने योग्य) डिवाइस है, जिसे घुटने के नीचे आसानी से पहना जा सकता है। यह डिवाइस पेरोनियल नर्व को हल्का विद्युत संकेल प्रदान करती है, जो पैर और उंगलियों की गति एवं संवेदना को नियंत्रित करती है। हर कदम के साथ यह संकेत नर्व को इस प्रकार उत्तेजित करता है कि मरीज का पैर सामान्य स्थिति में आ जाता है, जिससे पैर घसीटने की समस्या नहीं होती और चलने की क्षमता में सुधार होता है।

स्कूल ऑफ इंटरनेशनल बायोडिज़ाइन की शुरुआत वर्ष 2022 में भारत सरकार के जैव प्रौ‌द्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा की गई थी, जिसमें केजीएमयू क्लिनिकल कार्यों का तथा आईआईटी कानपुर इंजीनियरिंग एवं तकनीकी विकास का दायित्व संभाल रहा है।

इस कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक प्रो. डॉ. ऋषि सेठी, विभागाध्यक्ष, कार्डियोलॉजी विभाग, KGMU तथा प्रो. अमिताभ बंदद्योपाध्याय, विभागाध्यक्ष, जैविक विज्ञान एवं जैव अभियंत्रण विभाग, ॥ा कानपुर ने इस उपलब्धि पर फेलोज़ एवं उनके मेंटर्स को बधाई दी।
कुलपति पद्‌मश्री पो. डॉ. सोनिया नित्यानंद ने भी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि SIB SHINE मेडिकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान एवं नवाचार में अत्यंत सराहनीय योगदान दे रहा है।

इस अवसर पर SIB SHInE के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक इंजीनियर सुमित कुमार वैश्य, जो स्वयं एक इनोवेटर एवं रैपिड प्रोटोटाइपिंग विशेषज्ञ हैं, ने जानकारी दी कि पिछले दो वर्षों में SIB SHINE ‌द्वारा 8 पेटेंट आवेदन दायर किए गए हैं, जिनमें से 4 पेटेंट स्वीकृत हो चुके हैं, जो इस कार्यक्रम की उच्च सफलता दर को दर्शाता है।

उन्होंने यह भी बताया कि इनोवेटर्स कुशाय अस्थाना एवं पृथु प्रसाद द्वारा स्थापित स्टार्ट अप बायोस्टिम इनोवेशंस ने पिछले दो वर्षों में एक करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त किया है। उनका उत्पाद अब बाजार में उपलब्ध है और इसे उनकी आधिकारिक वेबसाइट www.biostimin से खरीदा जा सकता है।

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