लखनऊ। आलमबाग स्थित आईवीएफ सेंटर के डाक्टरों पर बिना सहमति के महिला की बच्चें दानी निकालने का आरोप लगा है। डाक्टरों ने हेपेटाइटटिस सी से संक्रमित महिला मरीज की बच्चेदानी निकाल दी। मरीज का आरोप है डाक्टरों ने बच्चेदानी निकालने से पहले उसकी सहमति तक नहीं ली गई। बच्चेदानी निकाले जाने पर आक्रोशित परिजनों ने लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने के साथ ही अपने बयान दर्ज कराए हैं। शिकायत के बाद प्रकरण की जांच लिए दो सदस्यीय कमेटी गठित की गयी है।
पुराने लखनऊ के अकबरी गेट की निवासी महिला मरीज इरफ फातिमा उम्र 43 को काफी समय से ब्लीडिंग की शिकायत बनी थी। महिला ने पहले एरा मेडिकल कालेज की ओपीडी में दिखाया तो वहां पर डॉक्टरों ने जांच करायी। जांच में बच्चेदानी सामान्य अवस्था में निकली। इसी बीच महिला ने आलमबाग स्थित आईवीएफ सेंटर में दिखाया। यहां पर तैनात महिला डॉक्टर ने बच्चेदानी में दिक्कत होने की बात बतायी।
मरीज का आरोप है महिला डॉक्टर ने ईसीजी व ब्लड से जुड़ी कई जांच कराकर सर्जरी का निर्णय लिया। परिजन सर्जरी के लिए तैयार हो गए। आरोप है आईवीएफ सेंटर की डॉक्टर ने पेपर पर हस्ताक्षर करा लिया। सर्जरी के दौरान महिला ने बिना परिजनों की सहमति के बच्चेदानी निकाल ली। महिला को इसकी जानकारी हुई तो वह भड़क गयी। उसका कहना था कि सर्जरी की बात हुई, लेकिन बच्चेदानी को नहीं निकालना था। आरोप है सर्जरी के लिए लगभग 80 हजार रुपए भी वसूल लिए गए। सोमवार को पीडि़त महिला मरीज ने सीएमओ आफिस पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए। सीएमओ आफिस से जांच के लिए दो सदस्यीय कमेटी बना दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज के मुताबिक, मामले की जांच के लिए कमेटी गठित है। जांच में आईवीएफ सेंटर की लापरवाही मिली तो कार्रवाई की संस्तुति होगी।











