लोहिया संस्थान: मंगलवार से इलाज नहीं मिलेगा निशुल्क

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लखनऊ। डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के हास्पिटल ब्लाक में शनिवार से निशुल्क सुविधाएं बंद करने के दावें पूरी तरह से लागू नही हो पाये। मरीजों को ओपीडी में पंजीकरण सौ रुपये की बजाय एक रुपये का ही पर्चा बना। हालांकि पहले दिन से मरीजों को मुफ्त दवाएं मिलना बंद हो गयी। मरीजों को सस्ती दर पर दवाएं देने का दावा था, लेकिन पहले दिन ही बड़ी संख्या में मरीजों को पर्चे पर लिखी सभी दवाई नहीं मिल पायी।

 

 

 

 

शेष अन्य दवा मरीज को मेडिकल स्टोर से खरीदनी पड़ी। संस्थान प्रशासन का दावा है कि एक दो दिन में सभी स्थितियों को सुधार कर निशुल्क इलाज समाप्त करने की तैयारी
लोहिया संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक में अभी तक मरीज को एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टर का परामर्श, निशुल्क जांच, दवाएं और निशुल्क भर्ती हो रही थी। शासन के निर्देश के बाद संस्थान प्रशासन ने निशुल्क इलाज बंद करने का निर्णय लिया है। शनिवार से मुफ्त दवाएं बंद कर दी गईं।

 

 

 

 

हॉस्पिटल ब्लॉक की ओपीडी में प्रतिदिन 1500 से 2000 मरीज आते रहे हैं, परन्तु शनिवार को संस्थान में हाफ ओपीडी चलती है। इसके बाद भी ओपीडी में मरीजों की भीड़ ज्यादा थी। मरीजों को उम्मीद थी कि पर्चा काउंटर पर सौ रुपये का पंजीकरण होगा, लेकिन एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टर से परामर्श लेकर मरीज दवा काउंटर पर पहुंचे। यहां पर मरीजों को अब रुपये देने के बाद दवाएं मिली। इस पर मरीज प्रशांत ने बताया कि सभी दवाओं को खरीदने के लिए पैसा नहीं है। इससे दूर दराज क्षेत्रों से आये मरीजों में नाराजगी भी देखने को मिली। मरीज ज्योति का कहना था कि सस्ती दवा की आस में आधे से एक घंटे लाइन में लगना पड़ा। लंबी जद्दोजहद के बाद काउंटर पर पहुंचे मरीज को आधी-अधूरी दवाएं मिली।
शनिवार को एक रुपये के पर्चे पर मरीजों को डॉक्टर की सलाह मिली। आज निशुल्क जांचें भी हुईं। मंगलवार से ओपीडी पंजीकरण के लिए 100 रुपये देने होंगे। पैथालॉजी से लेकर रेडियोलॉजी तक की जांच के लिए शुल्क देना होगा। ओपीडी से भर्ती मरीजों भर्ती शुल्क देना होगा। यहां पर सिर्फ इरमजेंसी सेवाएं ही मुफ्त रहेंगी। मरीजों से लोहिया संस्थान के सुपर स्पेशियालिटी ब्लॉक के समकक्ष शुल्क देना होगा। अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विक्रम सिंह ने बताया कि मरीजों को सस्ती दवाएं दी जा रही है। एक दो दिन में पूरी चिकित्सा व्यवस्था दुरस्त हो जाएगी।

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