नौ से लोहिया संस्थान के हास्पिटल ब्लाक में नहीं मिलेगा निशुल्क इलाज

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लखनऊ। गोमती नगर के डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के हास्पिटल ब्लाक में एक रुपये के पर्चे पर अब मुफ्त इलाज नहीं होगा। ओपीडी में इलाज के लिए मरीजों को सौ रुपये का पंजीकरण कराना होगा। सौ रुपये का तो सिर्फ पंजीकरण होगा, अब डाक्टर ने मरीज को जांच लिख दी तो रेडियोलॉजी से लेकर पैथालॉजी तक शुल्क अदा करना होगा। यही नही भर्ती शुल्क भी देना होगा। यही नहीं दवा भी निशुल्क नहीं मिलेगी। शासन के आदेश के बाद नौ जुलाई से लोहिया संस्थान प्रशासन ने नयी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

 

 

 

 

 

लोहिया संस्थान के हास्पिटल ब्लाक में लखनऊ के अलावा बाराबंकी, फैजाबाद, अयोध्या सहित पूर्वाचंल से मरीज काफी संख्या में निशुल्क इलाज कराने आते है।
बताते चले कि डा. राम मनोहर लोहिया संस्थान का अस्पताल में वर्ष 2019 में विलय हुआ था। इसके बााद अभी तक हॉस्पिटल ब्लॉक में मरीजों को एक रुपये में ओपीडी का पर्चा आैर मुफ्त इलाज मिल रहा था। मरीज को पैथालॉजी में ब्लड आदि की तथा रेडियोलॉजी की जांच का शुल्क नहीं देना होता था। वही संस्थान के सुपर स्पेशियालिटी ब्लॉक में इलाज के प्रत्येक स्तर पर शुल्क चुकाना पड़ रहा है। शासन ने दोनों संस्थानों में इलाज व शुल्क की व्यवस्था एक करने के निर्देश दिए थे। संस्थान प्रशासन ने नौ जुलाई से हॉस्पिटल ब्लॉक में भी शुल्क की व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। अब मरीज को सौ रुपये का पंजीकरण कराने के बाद जांच शुल्क से लेकर भर्ती होने की स्थिति में दो सौ पचास रुपये का शुल्क देना होगा। दवाओं लेने के लिए भी निर्धारित दरें देनी होगी।
हॉस्पिटल ब्लॉक में करीब 400 बिस्तर हैं। इसके तहत मेडिसिन,आर्थो, डेंटल, जनरल सर्जरी, ईएनटी, मानसिक, स्किन, आई आदि अन्य विभागों का संचालन हो रहा है। ज्यादातर प्रमुख विभागों में विभागों में मरीज भर्ती किए जा रहे थे।

 

 

 

 

 

 

 

आंकड़ों को देखा जाए तो ओपीडी में रोजाना दो से तीन हजार मरीज पहुंच रहे हैं। संस्थान की निदेशक डॉ. सोनिया नित्यानंद ने बताया कि मरीजों को बेहतर व उच्चस्तरीय इलाज मुहैया देने के लिए कोशिश की जा रही है। शासन के निर्देश पर नयी व्यवस्था लागू की जा रही है। उन्होंने बताया कि इमरजेंसी सेवाओं में किसी भी तरह का नियम का परिवर्तन नहीं किया गया है। इमरजेंसी में पहुंचने पर मरीजों का इलाज निशुल्क ही किया जाएगा।

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