केजीएमयू में 13 वां सफल लिवर प्रत्यारोपण
लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में 13 वां लिवर प्रत्यारोपण सफलतापूर्वक किया गया। इस एडवांस स्टेज के लिवर सिरोसिस से पीडि़त 28 वर्षीय मरीज को आखिरकार केजीएमयू में जीवनदान मिल गया है। चिकित्सकों ने मंगवार को युवक को अस्पताल से छुट्टïी दे दी है। वह स्वस्थ होकर अपने घर पहुंच गया है। वहीं युवक की जान बचाने के लिए अपने लिवर का आधा हिस्सा देकर उसके भाई ने समाज के सामने मानवता की नई मिशाल पेश की है।
दरअसल,केजीएमयू में बीते 12 नवंबर को आलमबाग निवासी 28 वर्षीय मरीज का लिवर प्रत्यारोपण किया गया,प्रत्यारोपण करने वाली टीम के मुताबिक यह लिवर प्रत्यारोपण सफल रहा है। युवक लिवर सिरोसिस जैसी गंभीर बीमारी से पीडि़त था,युवक को उसके भाई ने अपने लिवर का आधा हिस्सा दान किया है।
मरीज तथा उसके भाई को अस्पताल से छुट्टïी दे दी गयी है। लिवर प्रत्यारोपण के एक सप्ताह बाद भाई (दाता) को छुट्टी दी गई,जबकि प्रत्यारोपण के 11 दिन बाद मरीज को मंगलवार को डिस्चार्ज कर दिया गया।
केजीएमयू का यह 13 वां सफल लीवर प्रत्यारोपण है। इस प्रत्यारोपण में केजीएमयू के 100 से अधिक डॉक्टरों और कर्मचारियों का योगदान रहा है।
बताया जा रहा है 95 प्रतिशत से अधिक लीवर प्रत्यारोपण केजीएमयू मेें सफल रहे हैं,इतना ही नहीं केजीएमूय उत्तर प्रदेश में लीवर,किडनी,कार्निया आदि दान करने वाला एकमात्र संस्थान भी रहा है, एम्स नई दिल्ली और एआरएमवाई आर एंड आर अस्पताल समेत अन्य संस्थानों में केजीएमयू के सहयोग से 50 से अधिक अंगों को जरूरतमंद मरीजो में प्रत्यारोपित किया गया है।
प्रत्यारोपण करने वाली टीम में गैस्ट्रोसर्जरी विभाग के डॉ. अभिजीत चंद्रा और डॉ. विवेक, डॉ संदीप कुमार वर्मा शामिल हैं। गैस्ट्रोमेडिसिन से डॉ सुमित रूंगटा, डॉ जी.पी. एनेस्थीसिया विभाग से सिंह, डॉ. रतिप्रभा, डॉ. तन्मय तिवारी ,डॉ. एस.एन. संखवार (सीएमएस), डॉ. तूलिका चंद्रा , डॉ. अमिता जैन, डॉ. नीरा कोहली (रेडियोलॉजी), डॉ. अविनाश अग्रवाल (क्रिटिकल केयर), डॉ. गौरव , डॉ अजय कुमार । इसके अलावा इस लीवर प्रत्यारोपण में अवध इंटरनेशनल फाउंडेशन अध्यक्ष अतुल शर्मा द्वारा भी आर्थिक रूप से भी सहयोग किया गया।












