लखनऊ।सांसद कौशल किशोर जी के बड़े भाई 85 वर्षीय श्री महावीर प्रसाद जी का करोना के चलते अस्पताल में निधन हो गया। राजधानी लखनऊ में कोरोना संक्रमण से मौत का आज आंकड़ा टूट गया। शनिवार को कोरोना संक्रमण से कुल 42 मौतें दर्ज की गई। पहली और दूसरी कोरोना संक्रमण की लहर में पहली बार 1 दिन में 42 मौतें हुई हैं। 1 दिन में इतनी ज्यादा मौतें होने से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी परेशान हैं।
शनिवार को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के दंत संकाय के डीन डा. अनिल चंद्रा की मौत कोरोना संक्रमण से हो गई। बेहद मिलनसार और खुशमिजाज डॉ अनिल चंद्रा की मौत से सभी डॉक्टर सकते में हैं। दंत संकाय सहित अन्य विभागों के डॉक्टरों में शोक की लहर है। इसी प्रकार आज पीएमएस के सेवानिवृत्त डॉक्टर आर के सिंह की भी मौत हो गई। बताया जाता है कि यह काफी दिनों से बीमार चल रहे थे और घर पर ही इनका इलाज किया जा रहा था। विभिन्न कोविड-19 हॉस्पिटलों में राजधानी ही नहीं अन्य जनपदों से भी रेफर होकर काफी संख्या में मरीज आ रहे हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनकी हालत गंभीर होती है। इसी प्रकार संक्रमण के इलाज में लगे डॉक्टरों की माने तो इस बार दूसरी कोरोना संक्रमण की लहर में मरीज की तबीयत बिगड़ने में देर नहीं लगती है। बुखार के बाद काफी संख्या में लोगों को सांस फूलने की दिक्कत हो रही है, पल्स ऑक्सीमीटर से जांचने में उनकी ऑक्सीजन लेवल तेजी से गिरता है और जब तक हॉस्पिटल पहुंचते हैं तब तक उनका फेफड़ा काफी हद तक संक्रमित हो चुका होता है। मरीजों में देखा जाए तो ज्यादातर मरीजों में कोविड-निमोनिया पाया जा रहा है। ऐसी संख्या में भी मरीज है , जिनकी आरटी पीसीआर की जांच निगेटिव आती है और सीटी थोरेस्क की जांच में संक्रमण काफी पाया जाता है। दिक्कत तब ज्यादा बढ़ जाती है जब मरीज फेफड़े से संबंधित बीमारी अस्थमा, टीबी या अन्य बीमारियों से पीड़ित होता है। ऐसे मरीजों में संक्रमण तेजी से असर दिखाता है और मरीज को वेंटिलेटर पर पहुंचने में देर नहीं लगती है। वर्तमान में अगर देखा जाए तो राजधानी में वेटिंलेटर भी मरीजों को नहीं मिल पा रहे हैं। मरीजों को आईसीयू में रख कर के किसी प्रकार इलाज किया जा रहा है। केजीएमयू पीजीआई व अन्य बड़े सेंटर में वेंटिलेटर कहीं खाली नहीं हो रहा है, जिसके कारण मरीजों की जान पर बन आई है।












