लखनऊ। राजधानी में लगातार बनी हुए ऑक्सीजन की कमी मरीजों की मौत बन रही है। निजी अस्पतालों में आक्सीजन की कमी लगातार बनी हुई है। अस्पताल के अधिकारी लगातार जिम्मेदारी अधिकारियों से लगातार ऑक्सीजन आपूर्ति सामान्य कराने का अनुरोध कर रहे है। बृहस्पतिवार को इंदिरानगर स्थित शेखर अस्पताल में आक्सीजन का प्रेशर कम होने से दो मरीजों की मौत हो गयी।
इस अस्पताल में बीते बुधवार से ऑक्सीजन के बड़े सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी। अस्पताल की प्रबंधक डॉ. ऋचा मिश्रा के मुताबिक 15 ऑक्सीजन जम्बों सिलेंडर भरने के लिए भेजे गए थे। उनमें करीब 20 घंटे बाद भी ऑक्सीजन की रिफलिंग नहीं हो पायी, हालांकि अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगा है आैर इससे हम 100 मरीजों को ऑक्सीजन आपूर्ति कर रहे हैं। परन्तु आक्सीजन प्रेशर के लिए बड़े (जम्बो) आक्सीजन सिलेंडर की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने बताया कि इस बीच एक 35 साल की महिला व बुजुर्ग की मौत हो गयी हैं। अन्य दस गंभीर मरीजों की जान बचाने की कोशिश जारी है।
उधर आलमबाग स्थित अवध अस्पताल में दो मरीजों की मौत हो गयी। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि दोनों मरीज गंभीर थे। हालांकि ऑक्सीजन की कमी जरूर बनी हुई है, लेकिन सभी मरीजों को ऑक्सीजन मुहैया कराने की कोशिश की जा रही है। वही केजीएमयू में ऑक्सीजन समय पर नहीं लगाने से महिला की मौत हो गई। रायबरेली कठवारा निवासी साबिता (29) की मौत हो गई। तीमारदारों का आरोप हैं कि डॉक्टरों ने सांस फूलने के बाद भी ऑक्सीजन नहीं लगाया, जब कि वह अस्थमा की मरीज थीं। ऑक्सीजन न लगने से मरीज की मौत होने पर नाराज तीमारदारों ने ट्रॉमा सेंटर में हंगामा किया। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह के मुताबिक ऑक्सीजन की कमी नहीं है। सभी मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा रहा है। मामले की जांच कराई जाएगी।
वही राजधानी के बड़े से लेकर छोटे निजी अस्पतालों में अाक्सीजन का संकट गहराता जा रहा है। निजी कोविड अस्पतालों ने मरीजों की भर्ती रोक दी है। इससे अफरा-तफरी मच गई है। चौक, आलमबाग, रायबरेली रोड, कुर्सी रोड के अस्पतालों में कोरोना मरीजों की भर्ती रोक दी है। अधिकारियों का कहना है कि ऑक्सीजन अापूर्ति सामान्य होने के बाद ही मरीज भर्ती किए जाएंगे। ताकि मरीजों की जान पर न बन सके।












