इनके इलाज में हेल्प करेगा पीजीआई  

0
651

 

 

 

 

लखनऊ। संजय गांधी पीजीआइ में आउट सोर्स कर्मचारी, रेजीडेंट डाक्टर और संकाय सदस्य कोरोना से परिवारों में लगातार संक्रमण बढ़ रहा है। बताया जाता है कि वर्तमान में तीन सौ से अधिक लोग संक्रमण की चपेट में है। सही इलाज न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन तक किया। रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन ने भी नाराजगी प्रकट करते हुए पत्र लिखा था, जिसके बाद संस्थान प्रशासन ने इनके लिए इलाज की दिशा में सकारात्मक कदम उठाना शुरू किया है।
संस्थान प्रशासन ने कोरोना 19 संक्रमण से ग्रसित स्वास्थ्य कर्मी की स्वास्थ्य समस्या के निदान के लिए हेल्थ केयर वर्कर वेलनेस कमेटी का गठन किया है। यह समिति स्वास्थ्य कर्मियों और उनके आश्रितों की भर्ती से लेकर उनके डिस्चार्ज तक की संपूर्ण प्रक्रिया पर नजर रखेगी। ताकि कही कोई दिक्कत न होने पाये। इसके साथ ही हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए जाएंगे, जिससे होम क्वारंटाइन में रहने पर भर्ती की आवश्यकता में उनकी मदद की जा सके, जिसमें होम क्वॉरेंटाइन में रह रहे स्टाफ व उनके आश्रितों के उपचार की दिशा में हो रही प्रगति को समझा जाएगा। संस्थान प्रशासन ने आरसीएच में स्वास्थ्य कर्मियों और उनके आश्रितों के लिए 36 शैय्या की व्यवस्था की जाएगी। इनमें से 18 बेड अभी शुरू किए गए हैं। इसके साथ ही स्वास्थ्य कर्मियों की आरटीपीसीआर जांच, खून की जांच, एचआरसीटी स्कैन और दवाइयों के वितरण के लिए काउंटर भी खोले जाएंगे। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो.सोनिया नित्यानंद और निदेशक प्रो.आरके धीमन ने कहा कि इसके अतिरिक्त यदि अन्य सुविधाओं की आवश्यकता भी पड़ती है, तो प्रशासन सदैव लगातार मदद करेगा। कोविड काल में रोगी सेवा में स्वयं को पूर्णतया समर्पित किया है। संस्थान प्रशासन के इस फैसले का स्वागत रेजीडेंट डाक्टर एसोसिएशन, फैकल्टी फोरम , नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन, कर्मचारी महासंघ , आउट सोर्स कर्मचारियों ने स्वागत किया है।

Previous articleडोनेट करें प्लाज्मा, ठीक होंगे कोरोना मरीज
Next articleप्रदेश में प्रत्येक शनिवार और रविवार को रहेगा Corona curfew

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here