गंभीर व अनियंत्रित अस्थमा के रोगियों को कोविड का खतरा ज्यादाः डा. सूर्यकान्त

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लखनऊ। गंभीर अस्थमा एवं अनियंत्रित अस्थमा के रोगियों को कोरोना होने का अधिक खतरा रहता है। अतः अस्थमा के सभी रोगी चिकित्सक के परामर्श के अनुसार अपनी सभी इन्हेलर एवं अन्य चिकित्सा लेते रहें, जिससे उनका अस्थमा नियंत्रित रहे। कोरोना काल के दौरान एलर्जी टेस्टिंग, पल्मोनरी फंशन टेस्ट, एलर्जी इम्यूनोथेरेपी न करवायें, इससे कोरोना संक्रमित होने का खतरा बढ़ जाता है। यह जानकारी इण्डियन कॉलेज अॅाफ एलर्जी तथा किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकान्त ने दी। एशिया पेशिफिक एशोसिएशन अॅाफ एलर्जी अस्थमा एण्ड क्लीनिकल इम्यूनोलोजी के तहत एलर्जी सप्ताह (12-18 अप्रैल 2021) मनाया जा रहा है। इसी क्रम में केजीएमयू के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग ने एलर्जी पर राष्ट्रीय संगोष्ठी (वर्चुअल) का आयोजन किया गया।
इस संगोष्ठी का उद्घाटन इण्डियन मेडिकल एषोसिएषन एकेडमी अॅाफ मेडिकल स्पेशलेटीज के राष्ट्रीय महासचिव डा संजीव सिंह यादव द्वारा किया गया। डा. यादव ने केजीएमयू के रेस्पाइरेटरी मेडिसिन विभाग के 75 वर्ष पूरे होने पर विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकान्त को बधाई एवं शुभकामनाए दी तथा विभाग के प्लेटिनम जुबली समारोह वर्ष में 75 कार्यक्रम कराने के संकल्प की भी सराहना की। वल्र्ड एलर्जी आर्गनाइजेषन की पूर्व अध्यक्ष जापान की डा. रूबी पावनकर ने भी अपनी शुभकामनाएं दी।
इस संगोष्ठी में कोविड वैक्सीनेशन के ब्राान्ड एम्बेसडर डा. सूर्यकान्त ने बताया कि कोरोना काल के दौरान एलर्जी एवं अस्थमा के रोगी डिजिटल माध्यम से चिकित्सकीय परामर्श लें तथा चिकित्सकों के क्लीनिक व अस्पतालों मे जाने से बचें। सुबह शाम भाप लेते रहे, घर के अन्दर ही रहें। यदि घर, कार्यालय का फ्यूमीगेशन हो रहा है, तो एलर्जी व अस्थमां के रोगी इससे बचे, क्योकि फ्यूमीगेशन में प्रयुक्त होने वाले रसायन एलर्जी व अस्थमा को बढ़ावा दे सकते है। गंभीर अस्थमा के रोगियो को ओमैलीजुमैब तथा अन्य बायोलोजिकल्स के इन्जेशन लगाये जाते है, लेकिन कोरोना के दौरान इन इंन्जेक्शन को न लगवाये।
इस वेविनार में इण्डियन कॉलेज अॅाफ एलर्जी, अस्थमा एण्ड एप्लाइड इम्यूनोलोजी के अध्यक्ष डा एस एन गौर, महासचिव डा. एबी सिंह एवं इसकी कार्यकारिणी के अन्य सदस्य डा एमके अग्रवाल (दिल्ली), डा. महेष गोयल (जयपुर), डा. के नागाराजु (चेन्नई), डा. पी एमहेश (मैसूर), डा. पीसी कथूरियां (दिल्ली), डा. वी केजैन (जयपुर) ने अपना व्याख्यान दिया। देश के अन्य एलर्जी के विषेषज्ञ जैसे डा प्रदुम्न शर्मा (जयपुर), डा सुधीर चौधरी (कानपुर), डा राजेन्द्र प्रसाद (लखनऊ), डा जी एल शर्मा (दिल्ली), डा नवीन अरोरा (दिल्ली), डा राजेष अग्रवाल (बरेली) ने भी अपने विचार रखे एवं लोगो को विभिन्न तरह की एलर्जी के बारे में अवगत कराया। इस अवसर पर विभाग के समस्त फैक्लटी मेम्बर डा संतोष कुमार, डा राजीव गर्ग, डा अजय कुमार वर्मा, डा आन्नद श्रीवास्तव, डा अंकित कुमार, डा ज्योति बाजपेई, डा अंकिता, डा. अंकित, डा. नेहा, अनुज, श्रेया व अन्य रेजीडेन्ट डाक्टर्स एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहे।

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