चिकित्सा व्यवस्था सामान्य करने की कवायद शुरू

0
760
Beautiful young doctor standing with hands folded and assistant doctors in background

 

 

 

लखनऊ। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद ओपीडी व सर्जरी करने की व्यवस्था को सामान्य करने के लिए चिकित्सा संस्थानों ने कवायद शुरू कर दी है। मरीजों को कोरोना संक्रमण से पूर्व की भांति इलाज देने के लिए गाइड लाइन बनाने के साथ ही अन्य कदम भी उठाये जा रहे है। इसके तहत किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में के इमरजेेंसी ट्रामा सेंटर में होल्डिंग एरिया समाप्त किया जा रहा है। अब इमरजेंसी में गाइड लाइन के अनुसार सीधे मरीज भर्ती किए जाएंगे। ओपीडी में मरीजों की संख्या का प्रोटोकॉल भी खत्म होगा। इसके अलावा पीजीआई और लोहिया संस्थान प्रशासन ने भी ओपीडी व सर्जरी की व्यवस्था को सामान्य किया जा रहा है।
केजीएमयू में कोरोना संक्रमण को देखते हुए विभागवार इलाज करने से पहले होल्डिंग एरिया ट्रॉमा सेंटर के सामने वृद्धावस्था मानसिक स्वास्थ्य विभाग को बनाया गया था। इमरजेंसी में पहुंचे यहां मरीज को भर्ती कर कोरोना जांच करायी जाती है। रिपोर्ट सामान्य आने पर मरीज की बीमारी के अनुसार विभाग में रेफर किया जाता है। इमरजेंसी ट्रॉमा सेंटर के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. संदीप तिवारी का कहना है कि अब ट्रॉमा सेंटर परिसर में ट्रॉयज कम रिश्पेशन एरिया बनाया जाएगा। यहां इमरजेंसी में पहुंचे मरीज की कोरोना जांच होगी। इसके बाद मरीज को भूतल पर स्थिति सर्जिकल या मेडिसिन यूनिट में भेज दिया जाएगा। कोशिश की जा रही है कि कम समय में इमरजेंसी पहुंचे मरीजों को बेहतर इलाज दिया जा सके। केजीएमयू की ओपीडी में चरणबद्ध तरीके से मरीजों की संख्या बढ़ायी जा रही है। यहां पर सुपर स्पेशियलिटी में अब 100 आैर विभागों में 200 मरीज प्रतिदिन देखे जाएंगे। जिन मरीजों को बुखार व जुकाम के लक्षण होंगे। उन्हें इलाज कराने के लिए कोरोना की जांच रिपोर्ट भी देनी होगी है। यह मरीज रेड जोन के तहत होंगे। जब कि ग्रीन जोन में कोरोना के बिना लक्षणों वाले मरीजों को रखा जाएगा। पंजीकरण आनलाइन होने के अलावा ऑफलाइन भी करने की कवायद चल रही है। केजीएमयू प्रवक्ता डा. सुधीर का कहना है कि अगर मरीज का प्रोसीजर होना है, तो कोरोना की जांच करानी होगी।
लोहिया संस्थान के प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश सिंह के मुताबिक मातृ शिशु एवं रेफरल हॉस्पिटल में कोरोना मरीज भर्ती करने के लिए एक अलग भाग निर्धारित कर दिया गया है। अस्पताल के अन्य भाग में नॉन कोविड मरीज को भर्ती कर इलाज करने किया जा रहा है। कवायद यह है कि जल्द ही स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, पीडियाट्रिक सर्जरी और इंडोक्राइन सर्जरी विभाग शिफ्ट किए जा सकते हैं।
पीजीआई भी मरीजों की भर्ती प्रक्रिया को सरल करने पर मंथन शुरू कर दिया है। संस्थान की ओ पी डी को शुरू करने के लिए मरीजों को विभागवार चिकित्सकों की ओ पी डी में ऑनलाइन तारीख लेने के बाद मरीज का एवं परिजनों को कोरोना की रिपोर्ट की जांच होने पर ही चिकित्सकों से इलाज की सलाह लें पा रहे है,ं लेकिन मरीजों को लम्बे समय की वेटिंग मिल रही हैं। संस्थान में अब पुराने 40 मरीज और नये 20 मरीजों को आनलाइन एप्वांइटमेंट से मरीजों को इलाज शुरू कर दिया गया है। नये वर्ष से लेकिन मरीजों को आनलाइन पंजीकरण करके आ जाते हैं। यहां पर ओपीडी की व्यवस्था को आैर सरल करने की कोशिश शुरू कर दी गयी है। ताकि मरीजों की संख्या को बढ़ाया जा सके। क्रिटिकल केयर मेडिसिन में मरीजों के बिस्तर फुल ह,ै किसी भी मरीज को समय पर बिस्तर उपलब्ध नहीं हो पा रहा हैं।

Previous article शुक्रवार को 54 प्रतिशत वैक्सीनेशन हुआ
Next articleपारिवारिक पेंशन भुगतान की सीमा इतनी बढ़ गयी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here