हेल्थ सिटी हॉस्पिटल ने चिकित्सा क्षेत्र में नए आयाम स्थापित किए: स्वास्थ्य मंत्री

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हेल्थसिटी हॉस्पिटल के 5 वर्ष पूरे होने पर सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम

हेल्थसिटी हॉस्पिटल जल्द खोलेगा ब्लड बैंक

लखनऊ। हेल्थसिटी हॉस्पिटल के 5 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य पर रविवार जनवरी 24, 2021 को सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया , जिसका शुभारम्भ मुख्य अतिथि चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री प्रदेश सरकार जय प्रताप सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि हेल्थ सिटी हॉस्पिटल ने जटिल बीमारियों और जटिल सर्जरी के क्षेत्र में नया आयाम स्थापित किया है। हॉस्पिटल में चाहे वह किसी भी प्रकार की कूल्हे से लेकर अन्य हड्डी का ऑपरेशन हो या फिर प्लास्टिक सर्जरी संबंधित ऑपरेशन। रोता हुआ मरीज हंसता हुआ जाता है। कार्यक्रम में विशिष्ठ अतिथि जल शक्ति मंत्री महेंद्र सिंह थे।

कार्यक्रम के बारे में बताते हुए हेल्थसिटी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ संदीप कपूर एवं डॉ संदीप गर्ग ने बताया की सतत चिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम का विषय ‘मैनेजमेंट ऑफ क्रिटिकल इंजर्ड एंड प्रेजेंट कोविद सिनेरियो ‘ है। हेल्थसिटी अस्पताल के पांच वर्षों के सफर के बारे में बताते हुए डॉ कपूर ने कहा की यह अस्पताल शहर का ऐसा अस्पताल हैं जिसे डाक्टरों द्वारा बनाया गया हैं जिसमे मरीजों के हित और सुविधा को पहले दिन से ध्यान में रख कर कार्य किया जा रहा हैं।

डॉ गर्ग ने बताया की अस्पताल में ‘पेशेंट फर्स्ट’ पॉलिसी के तहत हर कर्मचारी कार्य करता है। वहीँ डॉ कपूर ने कहा की मरीज हित को ध्यान में रख कर अस्पताल शीघ्र ही ब्लड बैंक भी खोलने जा रहा हैं।

घुटना व जोड़ प्रत्यारोपण के जाने मने विशेषज्ञ डॉ. संदीप कपूर के मुताबिक शराब और सिगरेट का अत्याधिक सेवन से हड्डी बीमारी पड़ सकती है। कूल्हे के जोड़ (बॉल) में खून का संचार प्रभावित हो सकता है। हड्डी सूख सकती है। कम उम्र में कूल्हा प्रत्यारोपण कराना पड़ सकता है। उन्होंने कहा रोजाना पैदल चलें व कसरत करें। इससे हड्डी व मांसपेसियां मजबूत बनती हैं। उन्होंने बताया कि नशा करने वाले 30 से 40 प्रतिशत लोगों में हड्डी संबंधी बीमारी होने की आशंका बनी रहती है।

डॉ. संदीप गर्ग के मुताबिक स्पांडलाइटिस, गठिया समेत दूसरी बीमारी अब कम उम्र के लोगों को भी घेर रही है। इसकी बड़ी वजह से बेढंगी जीवनशैली है। लोग मोबाइल और कम्प्यूटर पर बैठकर काम करते हैं। शारीरिक श्रम नहीं करते हैं। इससे भी कई तरह की बीमारियां घेर रही हैं।

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के प्रोफ सूर्यकांत ने ‘सार्स कोविद-19’ पर व्याख्यान देते हुए बताया की उत्तर प्रदेश ने कोविद के खिलाफ जंग इतनी तैयारी के साथ लड़ी की प्रदेश में कोविद मरीजों की संख्या सीमित रही। उन्होंने बताया की उत्तर प्रदेश में भारत की १७% जनसँख्या निवास करती हैं परन्तु देश के कुल सिर्फ ५.८% कोविद मरीज उत्तर प्रदेश में हुए। और यह तब है जब उत्तर प्रदेश ने देश में सबसे ज्यादा कोविद टेस्ट किये। जहाँ मार्च २०२० में ६० टेस्ट प्रतिदिन हो पाए वहीँ अब तक सबसे जयादा १.७५ लाख कोविद टेस्ट करने की क्षमता उत्तर प्रदेश में हैं।

संजय गाँधी पीजीआई के प्रोफ अफजल अजीम ने ‘मैनेजमेंट ऑफ क्रिटिकल इंजर्ड पेशेंट्स इन आईसीयू’ विषयक व्याख्यान दिया। वहीँ डॉ केपी चंद्रा ने कोविद टीकाकरण पर व्याख्यान दिया। वहीँ स्माइल ट्रैन द्वारा किये गए प्रयासों को डॉ वैभव खन्ना प्रतिभागियों के सम्मुख रखा। हेल्थसिटी में स्माइल ट्रैन संस्था द्वारा बच्चो में कटे होठ-तालु का मुफ्त ऑपरेशन किया जाता हैं।

कार्यक्रम में गेस्ट ऑफ ऑनर प्रोफ एके सिंह कुलपति अटल बिहारी वाजपेयी चिकित्सा विश्वविद्यालय और डिस्टिंगुइश गेस्ट डॉ अमित अग्रवाल संजय गाँधी पीजीआई थे।

कार्यक्रम में हेल्थसिटी के डॉ वैभव खन्ना (प्लास्टिक सर्जन), डॉ सुनील बिसेन (न्यूरो सर्जन), डॉ हिमांशु कृष्णा (न्यूरो सर्जन), डॉ केबी जैन (लैप्रोस्कोपी सर्जन), डॉ राजेश अरोरा (यूरो सर्जन), डॉ एऍम सिद्दीकी (ओर्थपेडीक सर्जन), डॉ प्रमेश अग्रवाल (अनेस्थेसिओलॉजिस्ट), डॉ सुबोध कुमार (अनेस्थेसिओलॉजिस्ट) शामिल रहे।

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