News- डा. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में एकेडमिक ब्लाक में वैक्सीनेशन अभियान को सफल बनाने के लिए डाक्टर, स्वास्थ्य कर्मी टीका लगवा रहे थे, तो दूसरी ओर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के हॉस्पिटल ब्लॉक में जमकर हंगामा व तोड़फोड़ हो रही थी। यहां पर पर्चा बनवाने को लेकर एमबीबीएस मेडिकोज की तैनात कर्मियों से कहासुनी हो गयी। मेडिकोज का साथ देने दर्जनभर से अधिक मेडिकोज पहुंच गये अौर मारपीट के साथ-साथ पर्चा काउंटर पर तोड़फोड़ हुई। जिसके कारण वहां पर मरीजों के बीच अफरा-तफरी मच गयी।
सुबह ओपीडी में हॉस्पिटल ब्लॉक में पर्चे के लिए लाइन लगी थी। बताया जाता है कि ऐसे में एक मेडिकोज बिना लाइन के आगे पहुंच गया। कर्मी से स्टाफ का होने की बात बता पर्चा बनाने के लिए कहने लगा। मेडिकोज के एप्रेन में न होने पर कर्मी ने आइकार्ड दिखाने के लिए कहा तो मेडिकोज नाराज हो गया। वह आक्रोशित होकर काउंटर से सीधे हॉस्टल पहुंचा। कुछ ही देर में बाद साथियों संग काउंटर पर आ पहुंच गया। दोपहर 12 बजे के करीब काउंटर पर जुटे छात्रों व कर्मियों में नोकझोंक शुरु हो गयी। देखते ही देखते मारपीट होने लगी, पर्चाकाउंटर का दरवाजा तोड़ डाला गया। चारों तरफ अफरा-तफरी मच गयी। लाइन में लगे मरीज भाग खड़े हुए। ऐसे में कई मरीजों का पर्चा नहीं बन सका। बताया जाता है कि मुख्य पर्चा काउंटर पर पुरुष-महिला मरीजों की लाइन लगी थीं। वहीं मारपीट-तोड़फोड़, हंगामा देख मरीजों में अफरा-तफरी मच गई। सभी ओपीडी के बाहर आ गए। इस दौरान मुख्य पर्चा काउंटर बंद हो गया। स्क्रीनिंग काउंटर के पास बने दूसरे काउंटर पर लंबी लाइनें थीं। ऐसे में मुख्य काउंटर बंद होने पर कुछ मरीज स्क्रीनिंग काउंटर के पास पर्चा बनवाने पहुंचे। यहां भीड़ देख लौट गए। हॉस्पिटल में बवाल की घटना पर पुलिस पहुंची ,तो ऐसे में हंगामा कर रहे मेडिकोज फरार हो गए। उधर, संस्थान के निदेशक प्रो. एके सिंह ने हंगामा करने वाले मेडिकोज को चिन्हित करने का निर्देश दिया। प्रवक्ता डॉ. श्रीकेश के मुताबिक मामले की जांच शुरु हो गयी है। कर्मियों व छात्रों में धक्का-मुक्की की सूचना मिली है, जो भी दोषी होगा। उस पर कार्रवाई होगी।












