वैक्सीनेशन के सम्बंध में किसी भी प्रकार का भ्रम न रखें
सर्वप्रथम स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाया जा रहा है
भारत सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन एवं क्रम के अनुसार कोविड वैक्सीनेशन का
कार्य संचालित किया जा रहा है
मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश सरकार ने कोविड संक्रमण को
नियंत्रित करने की योजना कारगर सिद्ध हो रही है।
प्रदेश में कोविड-19 के एक्टिव केसों की संख्या 9000 से कम आ गयी है।
कोविड-19 की टेस्टिंग क्षमता जो मार्च, 2020 में 72 प्रतिदिन हो रही थी।
22,643 डाॅक्टर/स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई गई है तथा
शेष स्वास्थ्य कर्मियों को 22 जनवरी को वैक्सीन लगायी जायेगी
कल एक दिन में कुल 1,28,073 सैम्पल की जांच की गयी
अब तक कुल 2,62,14,905 सैम्पल की जांच की गयी है
लखनऊ। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल ने लोक भवन में
प्रेस प्रतिनिधियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि कल 16 जनवरी, 2021 को
कोविड वैक्सीन स्वास्थ्य कर्मियों को लगाने की कार्यवाही की गयी थी तथा 22
जनवरी को शेष स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाने की कार्यवाही की जायेगी।
वैक्सीनेशन के सम्बंध में किसी भी प्रकार का भ्रम न रखें। उन्होंने बताया
कि सर्वप्रथम स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन लगाया जा रहा है। भारत सरकार
द्वारा जारी गाइडलाइन एवं क्रम के अनुसार कोविड वैक्सीनेशन का कार्य
संचालित किया जा रहा है। इसमें किसी भी प्रकार का कोई भी बदलाव नहीं किया
जायेगा। मुख्यमंत्री के निर्देशन में प्रदेश सरकार ने कोविड संक्रमण
को नियंत्रित करने की योजना कारगर सिद्ध हो रही है। जिसके क्रम में प्रदेश
में कोविड-19 के एक्टिव केसों की संख्या 9000 से कम आ गयी है। उन्होंने
बताया कि मार्च, 2020 में जहां कोविड-19 की टेस्टिंग 72 प्रतिदिन हो रही
थी, उसे बढ़ाकर 1,80,000 प्रतिदिन किया गया। इसके साथ-साथ प्रदेश में
सर्विलांस का नया प्रयोग कर प्रत्येक परिवार तक पहंुच कर उनका हालचाल लेते
हुए कोविड संक्रमण के लक्षण की जानकारी ली जा रही है। उन्होंने बताया कि अब
तक 2.62 करोड़ से अधिक कोविड-19 के टेस्ट तथा 15.20 करोड़ से अधिक लोगों से
सम्पर्क कर कोविड संक्रमण की जानकारी ली गयी है। अभियान के अन्तर्गत उत्तर
प्रदेश की 24 करोड़ जनसंख्या में से 17.80 करोड़ परिवार तक पहुंचकर हालचाल
जाना गया है अथवा उनका कोविड टेस्ट कराया गया है। उन्हांेने बताया कि
प्रदेश में अब संक्रमण कम हो रहा है, फिर भी कोविड-19 के टेस्ट 1,25,000 से
कम नहीं किये जा रहे हैं।
श्री सहगल ने बताया कि संक्रमण कम होने से औद्योगिक गतिविधियां तेजी से
सामान्य हो रही हैं। युवाओं के लिए मिशन रोजगार चलाया जा रहा है। प्रदेश
सरकार युवाओं को रोजगार, स्वरोजगार, कौशल प्रशिक्षण के माध्यम से रोजगार
में लगाने की एक मुहिम चला रही है। इसी क्रम में सरकारी नौकरियों में
नियुक्तियों में तेजी लाई जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी आयोगों,
विभागों, निगमों, परिषदों को कहा गया है कि उनके यहां जितनी रिक्तियां हैं,
उनको भरने के लिए प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाय। बैंकों से समन्वय करके
प्रदेश में अभी तक 7.11 लाख नई एमएसएमई इकाइयों को 23,533 करोड़ रूपये
बैंकों द्वारा ऋण वितरित किये गये हैं। प्रदेश में पुरानी इकाइयों को
कार्यशील पूंजी की समस्या से निजात दिलाने के लिए बैंकों से समन्वय करके
आत्मनिर्भर पैकेज में 4.37 लाख इकाइयों को रू0 11,100 करोड़ रूपये के ऋण
बैंकों से समन्वय स्थापित कर स्वीेकृत करते हुए वितरित किये गये हैं। इस
प्रकार 11.47 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों को बैंकों द्वारा 34,600 करोड़
रूपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि इस वित्तीय
वर्ष में 20 लाख से अधिक एमएसएमई इकाइयों को बैंकों द्वारा वित्त पोषित कर
इन एमएसएमई इकाइयों के माध्यम से 80 लाख से अधिक लोगांे को नौकरियांे के अवसर दिये जाएंगे।
श्री सहगल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने आज वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के
माध्यम से बुन्देलखण्ड की स्ट्राॅबेरी महोत्सव का शुभारम्भ कार्यक्रम को
सम्बोधित करते हुए बताया कि किसानों को फसल की नई तकनीक का प्रयोग करना
चाहिए। उन्होंने कहा कि नई फसलों का व्यापक प्रचार-प्रसार कर लोगों को
जागरूक किया जाय। किसान कल्याण मिशन सभी 825 विकास खण्डों में चलाया जा
रहा है। प्रथम चरण में 06 जनवरी, 2021 को 303 विकास खण्डों में तथा 13
जनवरी, 2021 को 303 विकास खण्डों में किसान कल्याण मिशन चलाया गया। आगामी
21 जनवरी को शेष विकास खण्डों में किसान कल्याण मिशन चलाया जायेगा। किसान
कल्याण मिशन में किसानों को उपज से लेकर, फसल के विक्रय तक, खेती के लिए
सिंचाई, बीजों की उपलब्धता आदि विषयों पर चल रही सरकार की योजनाओं से अवगत
कराया जा रहा है। श्री सहगल ने बताया कि प्रदेश सरकार किसानों के हितों के
लिए कृतसंकल्प है और किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उनकी फसल को खरीदे
जाने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इस क्रम में प्रदेश सरकार द्वारा अभी
तक 606.57 लाख कु0 धान किसानों से खरीदा गया है, जो पिछले वर्ष से लगभग डेढ़
गुना अधिक है। प्रदेश में प्रथम बार मक्का की खरीद के साथ-साथ मूंगफली भी
किसानों से खरीदी जा रही है।
अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने बताया कि
प्रदेश में कुल 317 स्थानों पर वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है जिसमें
कल 22,643 डाॅक्टर/स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की प्रथम डोज लगाई गई तथा
शेष स्वास्थ्य कर्मियों को 22 जनवरी को वैक्सीन लगायी जायेगी। उन्होंने
बताया कि वैक्सीन की दूसरी डोज 15 फरवरी, 2021 को लगाई जायेगी।
श्री प्रसाद ने बताया कि प्रदेश में कल एक दिन में कुल 1,28,073 सैम्पल की
जांच की गयी। प्रदेश में अब तक कुल 2,62,14,905 सैम्पल की जांच की गयी है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में पिछले 24 घंटे में कोरोना सेे संक्रमित 404
नये मामले आये हैं। प्रदेश में 8881 कोरोना के एक्टिव मामलों में से 3210
लोग होम आइसोलेशन में हैं। 3,49,456 लोग होम आइसोलेशन में गये थे जिनमें से
3,46,246 लोगों ने अपनी होम आइसोलेशन की अवधि पूर्ण कर ली है। उन्होंने
बताया कि प्रदेश में विगत 24 घण्टों में 666 तथा अब तक कुल 5,79,071 लोग
कोविड-19 से ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं। कोविड-19 से रिकवरी का
प्रतिशत 97.07 है। प्रदेश में सर्विलांस टीम के माध्यम से 1,83,141
क्षेत्रों में 5,07,218 टीम दिवस के माध्यम से 3,12,88,971 घरों के
15,20,60,964 जनसंख्या का सर्वेक्षण किया गया है। उन्होंने बताया कि प्रदेश
में ई-संजीवनी के माध्यम से 24 घंटे में 4,693 लोगों ने चिकित्सीय परामर्श लिया है।
श्री प्रसाद ने बताया कि 15 दिसम्बर, 2020 से 15 जनवरी, 2021 तक आयुष्मान
भारत योजना के अन्तर्गत गोल्डन कार्ड बनाये जाने का अभियान चलाया गया था,
जिसमें 10,36,684 नये गोल्डन कार्ड बनाये गये हैं। 3.77 लाख ऐसे परिवार को
आयुष्मान भारत योजना से जोड़ा गया है, जिनके परिवार में किसी का भी गोल्डन
कार्ड नहीं बना था। उन्होंने सभी लोगों से अपील की है कि जब तक वैक्सीन की
दोनों डोज लग नहीं जाती तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता विकसित नहीं हो जाती तब
तक कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन अवश्य करें। सभी लोग मास्क पहनें, हाथ
साबुन-पानी से धोते रहें तथा लोगों से दो गज की दूरी बनाये gh रखें। कोविड
प्रोटोकाॅल का पालन करते हुए पहले से बीमार बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती
महिलाओं को संक्रमण से बचाये।












