लखनऊ। राजधानी में शुक्रवार को फिर कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो गया। 15 मरीजों में कोरोना संक्रमण पुष्टि की गयी, इनमें खास कर बलरामपुर अस्पताल के पूर्व निदेशक एवं यूपी रेडक्रास सोसाइटी के जनरल सेकेट्री डा. श्याम स्वरूप की मौत भी कोरोना संक्रमण से हो गयी। उनके बेटे में भी कोरोना की पुष्टि के बाद पीजीआई में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा चिनहट के निजामपुर मल्हौर में एक साथ दस मरीजों मंे कोरोना की पुष्टि की गयी है, इनमें तीन मरीजों को लोकबंधु अस्पताल आैर सात मरीजों को बक्शी का तालाब स्थित राम सागर मिश्र सौ शैय्या चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा जीआरपी के तीन जवानों में कोरोना की पुष्टि की गयी है। इन्हें किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में भर्ती कराया गया है।
बताते है कि डा. श्याम स्वरूप को गुर्दे एवं डायबिटीज की बीमारी थी। दो दिन पहले उन्हें बुखार आया था। इस पर परिजनों ने उन्हें पीजीआई में भर्ती से पहले उन्होंने कोविड-19 की जांच करायी थी आैर घर आये। बृहस्पतिवार की देर रात ऐशबाग स्थित घर पर उनका निधन हो गया। परिवारीजनों ने इसकी जानकारी सीएमओ को दी। कोविड प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार होगा। अब तक लखनऊ में कोरोना से पांच लोगों की मौत हो चुकी है। डा. श्याम स्वरूप की पत्नी सुलभा स्वरूप, बेटे डा. सुचित समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। डा. श्याम स्वरूप के निधन से चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों ने गहरा शोक जताया। बलरामपुर अस्पताल के निदेशक डा. राजीव लोचन, पूर्व निदेशक डा. टीपी सिंह, डा. ईयू सिद्दीकी समेत अन्य डॉक्टरों ने गहरा शोक जताया है।












