न्यूज। डायबिटीज पीड़ित लोगों में कोविड-19 से मरने का खतरा अन्य लोगों की तुलना में 50 प्रतिशत ज्यादा होता है। विशेषज्ञों ने यह जानकारी दी है आैर शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य ठीक रखने के लिए घर में व्यायाम करने तथा खून में ग्लूकोज की मात्रा की लगातार जांच करने का सुझाव दिया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक डायबिटीज के अलावा, जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, किडनी की पुरानी बीमारी आैर दिल संबंधी समस्याओं जैसे गंभीर रोग हैं, वे भी उच्च जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं।
ऐसे लोगों में कोविड-19 के ज्यादा गंभीर लक्षण एवं जटिलताएं नजर आ सकती हैं आैर अगर उनकी चयापचयी शक्ति मजबूत न हो तो उनकी स्थिति बिगड़ सकती है। इसके अलावा उन्होंने सुझाव दिया है कि ऐसी परिस्थितियों में इंसुलिन लेना सुरक्षित विकल्प है, क्योंकि टाइप-1 डायबीटिज से पीड़ित लोगों के लिए यह एकमात्र थेरेपी है। जबकि टाइप-2 डायबीटिज से पीड़ित जिन लोगों की चयापचयी शक्ति कमजोर होती है उनके लिए यह बेहतर एवं कारगर विकल्प है।
विशेषज्ञों का कहना है कि बचाव के आम उपायों के अलावा यह जरूरी है कि इलाज कर रहे डॉक्टर द्वारा सुझाए गए तरीके से खून में ग्लूकोज की मात्रा की नियमित जांच की जाए आैर शरीर में पानी की कमी नहीं होने के साथ ही दवाओं की पर्याप्त आपूर्ति हो। मरीजों को यह भी सलाह दी जाती है कि वे घरेलू व्यायाम करें क्योंकि यह मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को दुरुस्त रख जीवनशैली को संतुलित करता है। देश में कोविड-19 के कारण मरने वालों की संख्या सोमवार को 3,029 हो गई आैर संक्रमण के कुल मामले बढकर 96,169 हो गए। स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 70 प्रतिशत से अधिक मौतें मरीजों में पहले से मौजूद अन्य गंभीर बीमारियों के चलते हुई हैं।
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