लखनऊ। कोरोना वारियर्स डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को नम आंखों से अंतिम विदाई देने वालो में किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के डाक्टरों के अलावा राजधानी के अन्य डाक्टर भी शामिल थे। कोविड-19 के प्रोटोकॉल के तहत शव का अंतिम संस्कार भैंसाकुंड स्थित विद्युत शव ग्रह में शवदाह हुआ। रविवार को शवदाह के वक्त लॉक डाउन के चलते उनके परिवार के केवल तीन लोग ही मौजूद हो सके थे, जिनमें उनका पुत्र अनुराग अग्रवाल केजीएमयू 2016 बैच का जार्जियन है आैर पिता स्व. डा. सुनील खुद केजीएमयू के 1981 बैच के जार्जियन थे। इस दौरान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की तरफ से उनके बैचमेट रहे डॉ. पीके गुप्ता, सीएमओ कार्यालय की तरफ से उनके बैचमेट एवं मित्र डॉ. केके सक्सेना, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसके रावत, नेशनल मेडिकोज आर्गेनाइजेशन के डॉ. भूपेंद्र सिंह व डॉ. प्रभात, रेजीडेंट डॉक्टर एसोसिएशन की तरफ से डॉ. राहुल भारत, केजीएमयू में डॉ. सुनील का इलाज करने वाले मेडिसिन विभाग के डॉ. डी हिमांशु उपस्थित थे।
डॉ. पीके गुप्ता ने कहा कि हम लोगों ने केजीएमयू में साथ में पढ़ाई की। वहीं डॉ. सुनील ने अंतिम सांस ली। उन्होंने बताया कि आईएमए की उरई शाखा ने सरकार से कोरोना वारियर्स डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल को शहीद का दर्जा देने की मांग की है। मंगलवार को अस्थि कलश उनके गृह जनपद उरई पहुंचेगा। अंतिम संस्कार में डॉ. डी हिमांशु अपना दुखी किसी से छुपा नहीं पाये, उनकी आंखों से आंसू थे। डॉ. हिमांशु को देख डॉ. भूपेंद्र सिंह भी अपने को रोक नही पाये आैर उनके भी आंसू छलक गये। बताते चले कि उरई निवासी डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल (58) सरकारी अस्पताल में बतौर एनस्थीसिया विशेषज्ञ तैनात थे। परिजनों के मुताबिक कोविड-19 में ड्यूटी ट्रॉमा के इंचार्ज के रूप में थी। 25 अप्रैल को डॉ. सुनील की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें केजीएमयू में भर्ती कराया गया था। जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। वेंटिलेटर पर भर्ती डाक्टर को प्लाज्मा थेरेपी की दो डोज भी दी गयी। शनिवार को उनकी कोरोना की दोनों बार की रिपोर्ट नेगेटिव भी आ गई थी।
अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.












