लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में मिल्क बैंक सफलतापूर्वक संचालित हो गया है। यहां की सफलता के बाद अब अन्य राज्यों के मेडिकल कॉलेजों में भी मिल्क बैंक स्थापित करने में केजीएमयू की मदद मांगी है। सबसे पहले बैंगलौर मेडिकल कॉलेज में मिल्क बैंक स्थापित करने में मदद की जा रही है। बैंगलौर मेडिकल कॉलेज की टीम ने सोमवार को केजीएमयू स्थित मिल्क बैंक निरीक्षण करते हुए यहां की सुविधाओं को देखा आैर परखा। वह लोग यहां उपयोगी होने वाली तकनीक और सिस्टम से बेहद खुश नजर आये। इसके बाद अब बैंगलौर में भी इसी तरह का मिल्क बैंक स्थापित होने निर्णय लिया गया है, इसमें केजीएमयू उनकी तकनीकी मदद करेगा।
बैंगलौर से आई टीम में वहां की निदेशक परामर्श टीम के साथ केजीएमयू पहुंचे। यहां पर केजीएमयू मिल्क बैंक की पूरी यूनिट ने उन्हें मिल्क बैंक की व्यवस्था की तकनीकी जानकारी दी। क्वीन मैरी की प्रवक्ता डॉ स्मृति अग्रवाल का कहना है कि अगर देखा जाए तो प्रतिदिन लगभग दस माताएं मिल्क बैंक में मिल्क डोनेट कर रहीं है। उन्होंने बताया कि मिल्क बैंक में बच्चों को आवश्यकतानुसार पॉश्चुराइज करने के बाद दिया जा रहा है। यह यूपी का पहला मिल्क बैंक है जो सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। टीम ने डाक्टरों से बातचीत करके मिल्क बैंक को शुरू करने में आये वाली व्यवहारिक दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा बच्चों को मां का दूध मिल सके ताकि उन्हें बेहतर पोषण मिल सके।
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