लखनऊ। सीबीआई से एक पत्र से किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कम्प मचा हुआ है। दरअसल आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने यहां के रेडियोथेरेपी विभाग में तैनात डॉ. राजीव गुप्ता की आय का ब्यौरा तलब किया है। केजीएमयू ने डॉ. राजीव को कितनी रकम पगार व दूसरे मदों में दी गयी। केजीएमयू प्रशासन का दावा है कि पूरी जानकारी सीबीआई को दी जा चुकी है।
बताते चले कि रेलवे अस्पताल में कैंसर की दवाओं में लोकल परचेज (एलपी) कर घोटाला किया गया था। वर्ष 2012 से 2014 के बीच लोकल परचेज से दवाये खरीदी गई थीं। रेलवे अस्पताल में तैनात डॉ. सुनीता गुप्ता की जांच सीबीआई ने की तो उनके पति व केजीएमयू रेडियोथेरेपी विभागाध्यक्ष डॉ. राजीव गुप्ता भी दायरे में आ गये। बताते है कि पति-पत्नी की आय-व्यय कमाई से 86 गुना ज्यादा मिला था। मई में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांाच ने डॉक्टर दम्पत्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
लगभग दस दिन पहले सीबीआई ने केजीएमयू प्रशासन को पत्र भेजा आैर डॉ. राजीव के वेतन भुगतान संबंधी अन्य देय सम्बधी जानकारी मांगी। इस पर केजीएमयू प्रशासन में हड़कम्प मच गया आैर फटाफट डॉ. राजीव गुप्ता का वेतन व अन्य जानकारी सीबीआई के सुपुर्द कर दिया गया है।
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