लखनऊ। ड्यूशेन मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (डी एम डी) एक खतरनाक जानलेवा बीमारी है, लेकिन आधुनिक इलाज व स्टेम सेल थेरेपी से एक युवक की जान ही नहीं बची, बल्कि उसे इस योग्य बना दिया कि वह आज अपनी आजीविका के लिए कुछ कमाने के साथ ही विवाह भी कर चुका है। मरीज का इलाज करने वाले स्टेम सेल प्रत्यारोपर विशेषज्ञ डा. बीएस राजपूत का दावा है कि मस्कुलर डिस्ट्रॉफी का यह पहला मरीज है, जिसने इलाज कराने के साथ ही इस मुकाम को हासिल किया है।
मुम्बई के डॉ. राजपूत ने पत्रकार वार्ता में जानकारी देते हुए बताया कि यह रोगी लगभग पांच वर्ष पहले उनके पास स्टेम सेल थेरेपी लेने आया था और तबसे यह हर वर्ष आकर स्टेम सेल थेरेपी का एक सेशन लेकर जाता है। आज यह युवक लगभग 26 वर्ष का हो गया है। उन्होंने बताया कि इस रोग के 99.9 प्रतिशत रोगी 13 से 23 वर्ष के बीच हार्ट और लंग फेल हो जाने के कारण असमय मौत का शिकार हो जाते है।
डॉ राजपूत ने बताया कि इस मरीज की हालत में आया सुधार पिछले 10 वर्षों के शोध का नतीजा है जहां बोन मेरो सेल ट्रांसप्लांट और स्टेम सेल थेरेपी के कॉम्बिनेशन प्रोटोकॉल को इस रोग को आगे बढ़ने से रोकने में बहुत प्रभावी पाया गया है। यहां के एक निजी अस्पताल में इलाज करा रहे बिहारी निवासी मरीज आयुष ने बताया कि जब से स्टेम सेल थेरेपी द्वारा उसका इलाज शुरू हुआ है, उसकी मांसपेशियों की ताकत घटने से रुक गयी है और उसकी सांस भी नही फूलती है। फिलहाल वह ज्यादातर कार्य कंप्यूटर पर करता है।
आयुष के पिता गांव के एक स्कूल में अध्यापक है, लेकिन किसी न किसी तरह वह इलाज करा रहे है। डा. राजपूत ने बताया कि ध्यान देने योग्य बात यह है कि भारत में इस बीमारी के रोगियों की संख्या लाखों में है और पूर्वी उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़, जौनपुर और बलिया जैसे शहरों से लगे हुए बिहार के हिस्सों में यह रोग महामारी की तरफ फैला हुआ है।
हालांकि प्रदेश सरकार इस प्रकार के रोगियों को बोन मेरो सेल ट्रांसप्लांट करने के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दे रही है, लेकिन अभी तक इस इलाज को आयुष्मान भारत स्कीम में शामिल नहीं है, जिसकी वजह से काफी गरीब मरीज इलाज नही करा पा रहे है।
कार्यान्वित करने के प्रयास चल रहे है जहां मस्कुलर डिस्ट्रॉफी के अलावा अन्य असाध्य रोग जैसे कि स्पाइनल कॉर्ड इंजरी, घुटने की आर्थराइटिस और मोटर न्यूरोन डिजीज आदि का बोन मेरो सेल ट्रांसप्लांट या स्टेम सेल थेरेपी से इलाज किया जाएगा।
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