केजीएमयू कार्यपरिषद की शिकायत पहुंची राजभवन

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लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में कार्यपरिषद की बैठक एक बार फिर विवादों में आ गयी है। डॉक्टरों के निलंबन, प्रमोशन पर प्रश्नचिह्न लगा दिया गया हैं। यही नहीं यह भी आरोप लगा है कि चुनाव आचार संहिता के दौरान निर्णयोंं को केजीएमयू प्रशासन की तुगलकी फरमान बताया गया है। बताते चले कि केजीएमयू में शनिवार को कार्यपरिषद की बैठक हुई। इस बैठक में लिये गये निर्णयों की सुल्तानपुर निवासी अनिल कुमार द्विवेदी ने राजभवन से शिकायत कर दी है। शिकायत में कहा गया है कि लखनऊ की कैंट विधान सभा समेत 11 सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। ऐसे में आचार संहिता लागू चल रही है।

केजीएमयू प्रशासन ने दीक्षांत समारोह में पदकों के अनुमोदन की आड़ में मनमाने फैसलों पर मुहर लगवा ली है। शिकायतकर्ता के मुताबिक बैठक में 35 विभागों के 113 शिक्षकों को प्रमोशन दे दिया गया। पीडियाट्रिक सर्जरी के एक डाक्टर को निलंबित व माइक्रोबायोलॉजी के एक डाक्टर सेवा से बर्खास्त कर दिया गया। वहीं कई डाक्टरों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। आरोप हैं कि केजीएमयू प्रशासन ने कार्यपरिषद को गुमराह कर सेवा, नियुक्ति संबंधी फैसलों पर मुहर लगवा ली है। ऐसे में राज्यपाल से संबंधित प्रकरणों की जांच कर लिए गए निर्णयों को निरस्त करने की मांग की है। वहीं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई का भी अनुरोध किया है।

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