लखनऊ। हार्निया की सर्जरी कराने वालों मरीजों के लिए सुखद खबर है। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के जनरल सर्जरी विभाग में अब जनरल सर्जरी में प्रयोग होने वाली जाली (मेश) को लेप्रोस्कोपी तकनीक में प्रयोग किया जा सकेगा। इस आम मरीज भी कप खर्च में लेप्रोस्कोपी सर्जरी करा सकेगा। यह जानकारी जनरल सर्जरी विभाग के डा. अवनीश ने जनरल सर्जरी विभाग के सर्जिक ल अपडेट कार्यक्रम में दी। जनरल सर्जरी विभाग का स्थापना दिवस समारोह मनाया जाएगा।
बैरियाट्रिक व लेप्रोस्कोपी सर्जरी विशेषज्ञ डा. अवनीश बताते है कि अभी तक लेप्रोस्कोपी सर्जरी में एक विशेष प्रकार की मेश या फोर्ड करने वाली मेश (जाली) का प्रयोग किया जाता है, जो कि काफी महंगी आती है। जब कि जनरल सर्जरी में मेश की कीमत कम होती है। अब तक जनरल सर्जरी में प्रयोग होने वाले मेश ( जाली) का प्रयोग टार्सवेरियस एबडाम्नल रिलीज (टार) तकनीक में लेप्रोस्कोपी रिट्रोरेटस प्लेंसमेंट आफ मेश का प्रयोग किया जाता है। यह तकनीक खास कर एबडाम्नल में वेट्रल व इनसीजनल हार्निया में आसानी से प्रयोग की जाती है।
उन्होंने बताया कि इस तकनीक के प्रयोग में नार्मल प्रोलेन मेश का प्रयोग बाद मरीज का लेप्रोस्कोपी में आने वाला खर्च काफी कम हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस तकनीक से लगातार हार्निया की सर्जरी की जा रही है। जनरल सर्जरी के विभाग प्रमुख डा.अभिनव अरूण सोनकर ने बताया कि कल जनरल सर्जरी विभाग का 107 वां स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इसके मुख्य अतिथि केजीएमयू के पूर्व कुलपति तथा नोएडा के सुपर स्पेशियलिटी हास्पिटल के प्रमुख प्रो. डीके गुप्ता मुख्य अतिथि होंगे।
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