लखनऊ । संजय गांधी पीजीआई में फरवरी के आखिरी हफ्ते तक रोबोटिक सर्जरी शुरू हो सकती है। इसके लिए पीजीआई के करीब दर्जन भर डॉक्टर रोबोटिक सर्जरी का प्रशिक्षण ले चुके है आैर इसके लिए तैयारी की जा रही है।
संस्थान के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अमित अग्रवाल बताते हैं कि इण्डोक्राइन, कार्डियक, गेस्ट्रो, यूरोलॉजी व कार्डियक थोरेसिक एण्ड वेस्कुलर सर्जरी के मरीजों की सर्जरी रोबोटिक तकनीक से होगी। इसके लिए हम पूरी तरह से तैयार हो गये है। इसका सीधा लाभ मरीजों को मिलेगा।
वर्कशाप के आयोजक पीजीआई के इण्डोक्राइन सर्जन प्रो. सब्बारत्नम और प्रो. ज्ञान चंद्र ने बताया कि थायराइड का सामान्य तकनीकि से आपरेशन की तुलना में राबोटिक सर्जरी अधिक सुरक्षित है। डॉ. सब्बारत्नम बताते हैं कि अक्सर महिलायें शुरूआती दौर थायराइड गांठ और ब्रोस्ट में गांठ होने पर घरवालों को बताने में संकोच करती हैं। वर्कशाप में मौजूद कोरिया के डॉक्टर सांग वुक कांग और डॉ. जून च्वाय के अलावा डॉ. सुरेन्द्र , डॉ.पूर्णपीरा जीथाप्रूम, डॉ. प्रतामेश पायी ने चारों महिलाओं की थायराइड के आपरेशन किये।
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