और जब सीएम ने खुद तीमारदार को बुलाकर सुनी फरियाद

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लखनऊ। मुख्यमंत्री (सीएम) योगी आदित्यनाथ आज कि ंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय ट्रॉमा सेंटर में वेंटिलेंटर पर भर्ती मासूम दिव्याश को देखने पहुंचे। यहां पर उन्होंने डाक्टरों से उसके इलाज की जानकारी ली आैर आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस दौरान उनसे फरियाद करने के लिए एक अन्य मरीज की महिला तीमारदार ने जमकर हंगामा किया। पहले तो महिला को सीएम से मिलने से रोकने के लिए केजीएमयू प्रशासन , डाक्टरों व सुरक्षा गार्डो ने भरसक प्रयास किया। जब मुख्यमंत्री ने हंगामा सुन कर उसे खुद बुलाया तो महिला तीमारदार पूरी बात सुनी। उसने डाक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए वहां की व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने केजीएमयू प्रशासन व डॉक्टरों को बुलाकर उसके मरीज का पूरा इलाज करने के निर्देश दिए।

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बताते चले कि सुलतानपुर जिले में बृहस्पतिवार को स्कूल से घर आ रहे दो सगे भाईयों दिव्यांश (8) और श्रेयांश (6) का बदमाशों ने अपहरण कर लिया था। बदमाशों ने दिव्यांश की हत्या कर दी। वहीं श्रेयांश को भी धारदार हथियार से बुरी तरह घायल कर दिया। श्रेयांश ट्रॉमा सेंटर के वेंटीलेटर पर जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दोपहर 12 बजे ट्रॉमा सेंटर में मासूम को देखने पहुंचे। यहांं पर परिजनों से बात करने के अलावा डाक्टरों से भी इलाज की जानकारी ली। यहां से वापस लौटते समय महिला तीमारदार ने अचानक मुख्यमंत्री से मिलने की जिद करने लगे। उसने रोके जाने पर हंगामा कर दिया।

मासूम को देखकर बाहर निकल रहे सीएम मीडिया के सामने बयान दे रहे थे। तभी महिला तीमारदार भीड़ से सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए भीतर आ गई और वहां पर मौजूद अधिकारियों से मुख्यमंत्री से मिलने की फरियाद करने लगी। वहां तैनात महिला गार्ड ने उसको रोकते हुए जमीन पर धक्का दे दिया। अन्य गार्ड भी आ गये आैर उसको रोकने की कोशिश करने लगे। महिला की जिद को देखते हुए वहां पर जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा भी पहुंच गए। तभी केजीएमयू के डॉ. वेद प्रकाश और अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों ने महिला को किसी तरह रोक लिया। मुख्यमंत्री को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने महिला तीमारदार को अपने पास बुलाया और उसकी समस्या सुनी।

मुख्यमंत्री से फैजाबाद निवासी सोनी तिवारी ने बताया कि उसके भाई राजनारायण के शरीर में ब्लड नहीं बन रहा है। पैर भी बुरी तरह से काला पड़ रहा है। दो दिन पहले ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, उसका आरोप था कि लेकिन यहां पर इलाज के बजाय सिर्फ दौड़ाया जा रहा है। उसने बताया कि वह गुहार लगा रही है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। मुख्यमंत्री वही पर कुलपति समेत वहां मौजूद सभी डॉक्टरों को इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न होने के निर्देश दिए। केजीएमयू प्रशासन डॉक्टरों ने बाद में बताया कि मरीज को गैंगरीन की समस्या है। इलाज चल रहा है।

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