लखनऊ। एनेस्थेसिया विभाग में सीनियर रेजीडेंट डाक्टरों की कमी के चलते संजय गांधी पीजीआई का पीएमएसवाई आईसीयू तो पहले ही बंद हो गयी था, अब सर्जरी भी टलने लगी है। विभाग के रेजीडेंट डाक्टर पढाई पूरी (एमडी, पीडीसीसी) करके चले गए लेकिन नए रेजीडेंट डाक्टर यहां ज्वाइन नहीं कर रहे है जिसके कारण कुछ विशेषज्ञता की सर्जरी प्रभावित हो रही है।
संस्थना प्रशासन ने रेजीडेंट डाक्टर के लिए अवेदन मांगा था जिसके लिए अवेदन भी आए सेलेक्शन प्रक्रिया पूरी हो गयी। 15 सितम्बर तक ज्वाइन करना था लेकिन डाक्टर ज्वाइन नहीं कर रहे है। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वाइन न करने के पीछे कम वेतन बताया जा रहा है। प्रदेश के सभी संस्थान में बराबर वेतन मिलती है ऐसे मे पीजीआई ज्वाइन करने का कोई फायदा नहीं है। पीजीआई में सुबह अठ बजे से रात अठ बजे तक काम करकना पड़ता है।
पहले पीजीआई को अति विशिष्ट संस्थान का दर्जा था लेकिन प्रदेश के सभी संस्थान को समतुल्यता देने के बाद हर जगह वेतन बराबर हो गयी ऐसे में पीजीआई ज्वाइन करने से रेजीडेंट डाक्टर बचते हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. राकेश कपूर का कहना है कि डाक्टर की कमी को पूरा करने के लिए हर स्तर पर प्रयास चल रहा है। जल्दी स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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