लखनऊ। निगोहां के पुरहिया गाँव के बुजुर्ग को निजी अस्पताल में भर्ती कराने के बाद स्टाफ द्वारा गलत इंजेक्शन से मौत हो जाने पर परिजनों ने हंगामा मचाया। इस बुजुर्ग को देर रात फाइलेरिया का अटैक पङने के बाद परिजनो ने स्थानीय एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का आरोप है कि जहाँ डाक्टर की गैरमौजूदगी में स्टाफ द्वारा लगाये गये गलत इजेक्शन से बुजुर्ग की हालत बिगड़ गयी। इसकी सूचना के बाद भी डाक्टर के नहीं आये आैर मरीज ने गुरूवार सुबह त् दम तोङ दिया। इसके बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगा कर हगांमा काटा। हगांमा बढता देख अस्पताल में मौजूद स्टाफ मरीजों को छोङकर भाग निकले, तो परिजन मृतक बुजुर्ग का शव घर लेकर चले गये। परिजन मुख्यमंत्री व सीएमओ से निजी अस्पताल प्रबंधन की शिकायत कर कार्यवाही की माँग करेगे।
निगोहा के पुरहिया गांव निवासी राजेन्द्र मिश्रा ने बताया बुद्ववार की देर रात पिता बैजनाथ मिश्रा (70 वर्ष) को फाइलेरिया अटैक पड़ने पर परिजनों के साथ आनन-फानन में निजी वाहन से पिता को निगोहा कस्बे में स्थित वृंदावन हास्पिटल लेकर गये। जहाँ पर मौजूद स्टाप ने पिता को भर्ती कर बिना डाक्टर को बुलाये कई इंजेक्शन लगा दिये, जिसके बाद पिता दर्द से तड़पने लगे। स्टाफ से डाक्टर को बुलाने की बात कही ,तो उन्होंने अनसुना करते हुये नींंद का इजेक्शन लगाते हुये कहा, इन्हे आराम मिल जायेगा। देर रात हालत बिगङने पर स्टाफ से डाक्टर को बुलाने की बात कही लेकिन डाक्टर को नही बुलाया। जिसके बाद बुजुर्ग पिता ने तड़प- तड़प कर गुरूवार की सुबह अस्पताल में दम तोड़ दिया।
मौत के बाद परिजन व ग्रामीण अस्पताल में जमकर हगांमा करने लगे, तो वहा मौजूद स्टाफ अन्य भर्ती मरीजो को अस्पताल में छोङकर भाग निकले, जिसके बाद परिजन बुजुर्ग का शव लेकर घर चले गये ओर शव का अन्तिम संस्कार किया। वही मृतक के बेटे राजेन्द्र मिश्रा ने बताया अस्पताल के झोलाछाप स्टाफ द्वारा गलत इजेक्शन लगाने से पिता की जान गयी है। मुख्यमंत्री सहित सीएमओ से शिकायत कर कार्यवाही की माँग की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग ने शिकायत आने पर पंजीकरण व मानको की जांच करने का आश्वासन दिया है।
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