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स्वास्थ्य निदेशालय में डिजिटल युग का प्रारम्भ

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लखनऊ – चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि स्वास्थ्य निदेशालय का डिजिटलीकरण किया जाएगा. निदेशालय का डिजिटलीकरण होने से सभी रिकार्ड्स एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे, जिससे डाटा जांचने में काफी सुविधा होगी. उन्होंने कहा कि डिजिटलीकरण के काम को पूरा करने के लिए ई टेंडरिंग प्रक्रिया के ज़रिये किसी एजेंसी को हायर किया जाए. स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी कहा कि डिजिटलीकरण का काम एक निश्चित अवधि के दौरान पूरा किया जाना चाहिए. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने यह भी निर्देश दिए कि स्वास्थ्य निदेशालय का पुनर्गठन किया जाए. साथ ही इस काम को पूरा करने के लिए अमेरिका की कंपनी जॉन हॉपकिंस और बिल और मेलिंडा गेट फाउंडेशन की मदद ली जाए.

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह आज अपने लखनऊ स्थित आवास पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. बैठक के दौरान श्री सिंह ने निर्देश दिए कि स्वास्थ्य निदेशालय के डिजिटलीकरण का काम एक निश्चित समय अवधि में पूरा किया जाना सुनिश्चित किया जाए. साथ ही निदेशालय के पुनर्गठन के भी निर्देश दिए हैं ताकि जो भी विशेषज्ञ डॉक्टर हैं वो सभी अपनी सेवाएं अस्पताल में दे सकें और मरीज़ उनका लाभ उठा सकें. श्री सिंह ने यह भी कहा कि विशेषज्ञ डॉक्टरों का अधिक से अधिक से लाभ लेने के लिए उन्हें हेल्थ प्रोग्राम से हटाकर अस्पतालों में तैनात किया जाए.

श्री सिंह ने निर्देश दिए हैं कि पब्लिक हेल्थ कैडर बनाया जाए, जो कि राष्ट्रीय कार्यक्रमों और कार्य योजना का संचालन करे. साथ ही ब्लॉक स्तर पर नोडल ऑफिसर पब्लिक हेल्थ कैडर का एमबीबीएस (MBBS) होगा, जिसे पब्लिक हेल्थ सेक्टर में विशेषज्ञता प्राप्त होनी चाहिए. विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री जी ने यह निर्देश भी दिए हैं कि प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों में CPS डिप्लोमा कोर्स तत्काल प्रभाव से शुरू करने हेतु आवश्यक कार्यवाही की जाए.

श्री सिंह ने यह निर्देश भी दिए हैं कि सभी प्रमुख जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या को बढ़ाया जाए. साथ ही लखनऊ का सिविल अस्पताल व बलरामपुर अस्पताल, इलाहाबाद, वाराणसी, कानपुर, बरेली और मेरठ के जिला अस्पताल में डीएनबी (DNB) कोर्स को शुरू करने के भी निर्देश दिए ताकि आने वाले समय में हर साल 50-100 अतिरिक्त विशेषज्ञ डॉक्टर उपलब्ध हो सकें.

स्वास्थ्य मंत्री श्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि अगले महीने से सभी संयुक्त निदेशक और अपर निदेशक फील्ड पर की जाने वाली रिपोर्टिंग का पूरा ब्यौरा ऑनलाइन उपलब्ध कराएंगे. इसके लिए एक मोबाइल एप भी लांच किया जायेगा. इस एप के ज़रिये शासन स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी. साथ ही स्वास्थ्य निदेशालय में सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए, ताकि परिसर में गंदगी फैलाने वालों और आने-जाने वालों पर नज़र रखी जा सके.

इस बैठक में सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती वी. हेकाली झिमोमी, निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्रीमती पूजा पाण्डेय एवं महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, श्री पद्माकर सिंह व संयुक्त निदेशक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डॉ. विकास सेंदु अग्रवाल उपस्थित थे.

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