लखनऊ। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में सुबह एक बार फिर सर्वर डाउन होने से मरीजों के पर्चे से लेकर जांच तक नहीं हो रही थी। सुबह 9 बजे ओपीडी से सर्वर गायब हो गया आैर इंतजार बाद भी सर्वर नहीं आया। जांच शुल्क जमा न होने से मरीज काफी देर तक इंतजार करते रहे। सर्वर काम न करने से दो घंटे बीतने बाद भी जांच शुल्क जमा न होेने से नाराज तीमारदारों ने हंगामा किया, जिसके बाद उन्हें ट्रॉमा भेजा गया, लेकिन फिर भी कई मरीजों के जांच सैंपल भी खराब हो गए।
केजीएमयू के ओपीडी परिसर, ट्रॉमा सेंटर, पीआरओ ऑफिस के काउंटर नंबर के आस-पास मरीज व तीमारदार की लम्बी लाइन लगी थी कि सर्वर गड़बड़ हो गया था। इसके बाद तो पर्चा बनना, शुल्क जमा होना आदि का काम पूरी तरह से ठप हो गया। यहां पर जांच के लिए आए मरीजोंं की भीड़ लग गई। जांच शुल्क जमा न होने से मरीजों को ब्लड सैंपल खराब होने की आशंका है। दोपहर 12 बजते- बजते तक काफी भीड़ जुट गई। इसके बाद तीमारदारों के आक्रोश को देखते हुए कर्मचारियोंं ने मैनुअली काम शुरू किया, लेकिन भीड़ ज्यादा होने के कारण सभी सैंपल जमा नहींं किए जा सके। लॉरी कार्डियालॉजी में भर्ती मरीज के तीमारदार संदीप का आरोप है कि दोपहर करीब एक बजे जांच का शुल्क जमा करने ट्रॉमा सेंटर के काउंटर पर आए थे, पर सर्वर की परेशानी होने की वजह से शुल्क जमा नही हुआ।
इसी तरह सर्वेश ने बताया कि वह सुबह अपनी मां का ब्लड कल्चर लेकर ओपीडी में शुल्क जमा करने गए थे। जहां पर सर्वर खराब रहने के बाद भी काफी देर इंतजार बाद 12 बजे ट्रॉमा काउंटर पर भेजा गया, परन्तु यहंा भी सर्वर की समस्या की वजह से जांच शुल्क दो घंटे बाद जमा हो पाया, जब ब्लड सैम्पल जमा करने गये तो उसे खराब बता दिया गया, जिसके बाद वार्ड में जाकर दोबारा सैंपल निकलवाना पड़ा। सर्वर खराब होने की जानकारी दोपहर तक केजीएमयू के जिम्मेदार अधिकारियों को नहीं थी। डॉ. संदीप भट्टाचार्या, आईटी सेल प्रभारी का तर्क है कि आधे एक घंटे के लिए तकनीकी खराबी भले आई हो, परन्तु शुल्क ऑन लाइन ही जमा हुए।
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