एक्सीडेंट के बाद सांस चलने पर ऐसे लेटाए…

0
783

लखनऊ। ट्रामा प्रिवेंशन एंड मैनेजमेंट पर ट्रामा सेंटर के प्रभारी व ट्रामा सर्जरी विभाग के प्रमुख संदीप तिवारी ने बताया कि दुर्घटना हो जाने पर अगर जरा सी सावधानी बरती जाए तो मरीज की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने बताया कि अगर एक्सीडेंट के बाद मरीज की सांस चल रही हों या मरीज बेहोश हो तो उसे बाईं करवट लिटा दें और दायां पैर ऊपर की ओर रख दें। इससे ब्लड सांस की नली में नहीं जाएगा। वहीं अगर सांस भी न चल रही हो और बेहोश भी हो तो तुरंत मरीज को सीपीआर (सीने को दबा कर सांस दिलाना) शुरू कर दें। डा. तिवारी रविवार को इंडियन मेडिकल एसोसिएशन में आयोजित संगोष्ठी में सम्बोधित कर रहे थे। संगोष्ठी का उद्घाटन केजीएमयू कुलपति प्रो. एमएलबी भट्ट व एरा मेडिकल कालेज के कुलपति प्रो. अब्बास अली मेंहदी ने किया।

डा. तिवारी ने बताया कि उन्होंने बताया कि देश में प्रति माह 19000 मौतें दुघर्टना के कारण हो रही हैं। वहीं राजधानी में हर रोज ट्रामा सेंटर में 150 (करीब 50 प्रतिशत) मरीज एक्सीडेंट होने के बाद आते हैं। इनमें से 60 से भी अधिक मरीज गंभीर होने के कारण भर्ती किए जाते हैं। वहीं 70 प्रतिशत तो ऐसे होते हैं जो दुघर्टना के बाद अस्पताल पहुंचने से पहले ही दम तोड़ देते हैं। दुर्घटनाओं का कारण जागरूकता की कमी, रोड की गलत इंजीनियरिंग, खराब मौसम व नियमों का पालन न होना है। अगर लोग हेलमेट व गाड़ी की हर सीट पर एयर बैग का इस्तेमाल करें तो 90 फीसदी एक्सीडेंटल मौतों को रोका जा सकात है।

कैंसर इंस्टीट्यूट के यूरो आंकोलॉजी विभाग के डॉ. एचएस पाहवा ने बताया कि 50 वर्ष की उम्र के बाद अगर मूत्र विसर्जन में परेशानी हो रही हो, तो बिना देरी पीएसए (प्रोस्टेट स्पेसिफिक एंटीजेन) जांच करानी चाहिए। उन्होंने बताया कि बार-बार पेशाब होना, पेशाब में रुकावट, पेशाब में खून आने या पेशाब न रोक पाने की समस्या बनी रहे , तब बिना देरी के सबसे पहले पीएसए जांच कराएं। यह लक्षण प्रोस्टेट कैंसर के हो सकते है। बिना पीएसए जांच कराए प्रोस्टेट की दवा कतई न लें। अगर पीएसए जांच में गड़बड़ी आती है तो उसके बाद बायोप्सी करा कर ही आगे का इलाज करना चाहिए। प्र् इसलिए 50 की उम्र के बाद अगर पेशाब में जरा सी भी मुश्किल हो तो तुरंत पीएसए जांच कराएं। उन्होंने बताया कि लोग अक्सर इन लक्षणों को नजरअंदाज करते रहते हैं, यही पजह है कि मरीज एडवांस स्टेज में अस्पताल पहुंच रहे हैं।

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleमरकरी के प्रयोग से बच्चों में हो सकती है यह खतरनाक बीमारी
Next articleकेरल में स्टाफ नर्स की मौत से नर्सिंग संवर्ग दुखी: अशोक

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here