कार्डियक, लिवर की आयुर्वेदिक दवा पर विदेशों में बढ़ा रहा भरोसा

0
1556

लखनऊ. विदेशों में शोध के बाद अब आयुर्वेद को तवज्जो दी जाने लगी है. यही नहीं शोध के बाद प्राचीन दवाओं के दावों को मिली सफलता के बाद कार्डियक, लिवर, किडनी सहित कई अन्य आम बीमारियों पर आयुर्वेदिक दवाओं से इलाज भी शुरू कर दिया है. इसमें खासकर सीएसआईआर द्वारा विकसित की गई आयुर्वेदिक दवा बीजीआर-34 डायबिटिक रोगियों में प्रयोग की जाने वाली दवा है. इस दवा में दावा किया गया है कि यह डायबिटीज रोगियों में हार्ट अटैक के 50 फ़ीसदी खतरों को कम कर देती है. शोध में भी यह बात सामने आई है. इसका प्रकाशन जर्नल ऑफ एंड कॉन्प्लिमेंटरी मेडिसिन में प्रकाशित किया गया है. शोध में दावा किया गया यह 50 फ़ीसदी सेवन कर्ताओं में ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन का स्तर कंट्रोल पाया गया है. उस पर 4 महीने का टेस्ट. किया गया है.

शोधकर्ताओं का मानना है कि एलोपैथी दवा शुगर का स्तर को कम करती हैं लेकिन इससे जुड़ी दिक्कतों को ठीक नहीं कर पाती हैं. जबकि ग्लाइकोसिलेटेड हीमोग्लोबिन कि रक्त में अधिकतम रक्त कोशिकाएं जुड़ी बीमारियों का कारण बनती है. जिससे हार्ट अटैक होना और दौरे पड़ना प्रमुख है डायबिटिक मरीजों में यह दोनों ही मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. विशेषज्ञों की माने हीमोग्लोबिन लाल रक्त कोशिकाओं के भीतर होता है इसका कार्य सीजन का संचार करना होता है.

लेकिन जब हिमोग्लोबिन मैं शर्करा की मात्रा खुल जाती है तो हीमोग्लोबिन का कार्य बाधित हो जाता है इसे ही ग्लाइकोसिलेटेड हिमोग्लोबिन कहते हैं इसका प्रभाव कई महीने तक रहता है परंतु आयुर्वेद की इस नई दवा से नियंत्रित पाया गया है. यही नहीं आयुर्वेद की लीवर और किडनी से जुड़ी दवा पर भी शोध किया जा रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आयुर्वेद की पद्धति के अनुसार असली औषधियों का प्रयोग करते हुए दवा बनाई जाए तो यह जटिल से जटिल बीमारियों में कारगर होती है.

बताते चलें कार्डियक के इलाज में अर्जुन की छाल व उससे े बनी दवा का सेवन बहुत ही कारगर मानी जाती है. उसी प्रकार लीवर के इलाज में भी आज भी आयुर्वेदिक दवाओं का प्रयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है चाहे वह लीवर की अनियमितता हो या बदहजमी और गैस की समस्या हो.

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleक्वीन मेरी में फाल्ससीलिंग गिरी…
Next articleकेजीएमयू में यहां अर्धसैनिक बल तैनात करने की मांग

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here