बांग्लादेश में पकड़ नहीं पाये, पीजीआई में कर दिया इलाज

0
769
Photo Credit: polygonmedical.com

लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञ डाक्टरो ने बांग्लादेश के ढाका से आयी बोकुल अख्तर की एंजियोप्लॉस्टी कर जान बचायी। विशेषज्ञों के अनुसार अब महिला की तबियत में सुधार है। महिला की कल डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। ढाका के अस्पताल में जांच के बाद भी ब्लाकेज का पता वहां के डाक्टर नहीं लगा पाये थे। इससे इलाज में देरी महिला की जान का खतरा बन सकता था।

कार्डियोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. पीके गोयल के मुताबिक बोकुल अख्तर को एक महीने से सीने में तेज दर्द हो रहा था। ढाका के अस्पताल में जांच करायी, लेकिन उसमें कोई हार्ट में ब्लॉकेज का पता नहीं चला। किसी से जानकारी लेकर किसी तरह पूछते हुए दर्द लगातार बना रहने पर वह पीजीआई पहुंची। परिजनों ने पहले उन्हें पीजीआई के गेस्ट्रो विभाग में विशेषज्ञ डाक्टर को दिखाया। पेट रोग विशेषज्ञ ने जांच के बाद हार्ट में दिक्कत होने की बता कर कार्डियोलॉजी विभाग रेफर कर दिया। गुरुवार को डॉ. पीके गोयल ने महिला देखने के बाद तुरन्त एंजियोग्राफी करने का निर्णय लिया।

जिसमें लेफ्ट की मेन आर्टरी में ब्लॉकेज की पता चली। इसके बाद आनन-फानन उन्होंने महिला को भर्ती किया और एंजियोप्लास्टी कर दी। डॉ. गोयल बताते हैं कि ऐसे मामले में अक्सर डाक्टर सर्जरी करते हैं। यदि महिला सर्जरी कराती, तो पीजीआई में तीन महीने से लेकर एक वर्ष की वेटिंग है। ऐसे में महिला की जान को जोखिम हो सकता था। उन्होंने स्थिति भांपते हुए तुरन्त एंजियोप्लास्टी कर महिला की जान बचायी। महिला को इलाज में करीब 80 हजार रुपए खर्च हुआ है।

अब PayTM के जरिए भी द एम्पल न्यूज़ की मदद कर सकते हैं. मोबाइल नंबर 9140014727 पर पेटीएम करें.
द एम्पल न्यूज़ डॉट कॉम को छोटी-सी सहयोग राशि देकर इसके संचालन में मदद करें: Rs 200 > Rs 500 > Rs 1000 > Rs 2000 > Rs 5000 > Rs 10000.

Previous articleरेजीडेंट व कर्मचारियों से मारपीट के मामले में रिपार्ट दर्ज
Next articleबहुत हो गया…एक हफ्ते बाद हड़ताल

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here