लखनऊ। गोमती नगर डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में महिला मरीज की फेलोपियन ट¬ूब की विकृति को ठीक करके उसे नया जीवन दे दिया। अस्पताल के विशेषज्ञ डाक्टर के अनुसार एक तरफ की फेलोपियन ट¬ूब ही नहीं थी, जिसके कारण उसे ब्लीडिंग होने से तबियत तेजी से बिगड़ रही थी। फिलहाल डिलीवरी के बाद जच्चा- बच्चा दोनों की स्वस्थ्य है।
जानकारी के अनुसार बहराइच निवासी सुषमा (बदला नाम) का क्वीन मेरी अस्पताल में इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि वहां पर उसकी तबियत बिगड़ने पर इलाज सहीं न होने पर वह लोग उसे लेकर लोंिहया अस्पाल आ गये। यहां पर डाक्टर सुषमा सिंह ने महिला की हालत देखते हुए तत्काल अल्ट्रासाउंड जांच करायी। जांच में एक तरफ की फेलोपियन ट¬ूब नहीं थी। इस कारण डिलीवरी के दौरान उसे अचानक ब्लीडिंग शुरु हो गयी। डाक्टर का कहना है कि इस तरह की विकृति को यूनीकोर्न यूट्रस कहा जाता है।
यह विकृति बहुत कम महिलाओं में होती है। इस तरह की महिलाओं को गर्भधारण करना बेहद मुश्किल होता है। इस महिला में शिशु गर्भाशय में फंस गया था। इस कारण डिलीवरी होने में दिक्कत हो रही थी आैर ब्लीडिंग शुरु हो गयी थी। इस कारण उसका हीमोग्लोबिन कम हो जा रहा था। इसका कारण उसे ब्लड भी चढ़ाया गया। महिला की सीजेरियन करके शिशु को कुशलता पूर्वक निकाल लिया गया।
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