लखनऊ। गोमती नगर के डा.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के डक्ट में गिरकर हुयी मरीज की मौत के मामले में संस्थान द्वारा बनाई की जांच कमेटी तीन दिन में किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। डक्ट से गिर मरीज के मौत को तीन दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है। उसके बाद भी इस दर्दनाक घटना पर कार्रवाई होना, तो दूर घटना के जिम्मेदार की तलाश नहीं हो सकी है।
सोमवार को संस्थान पर द्वारा बनाई गयी जांच कमेटी ने बैठक कर मरीज की मौैत के मामले में लोगों के मौखिक बयान दर्ज किये गये हैं। इस बारे में नर्स व इंजीनियर से भी बात की गयी है। लापरवाही का आलम यह है कि जांच की आैपचारिकता को पूरा करने के लिए किसी से लिखित बयान नहीं लिया गया है। सूत्रों की माने तो लिखित बयान बाद में लिया जायेगा।
गौरतलब है कि तीन दिन पहले लोहिया संस्थान में भर्ती गोरखपुर निवासी रामप्यारे गुप्ता की तीसरे मंजिल से डक्ट में गिरकर मौत हो गई थी। शनिवार सुबह कार्डियोलॉजी सीटीवीएस वार्ड में हुए हादसे को घंटों स्टाफ ने छुपाए रखा। उधर
लोहिया संस्थान के निदेशक डा.दीपक मालवीय की माने तो डक्ट में गिरकर मरीज की मौत की घटना को ही संदेह के घेरे में ला दिया है। उन्होंने कहना है कि एक फिट चौड़े डक्ट में मरीज का गिरना संदेह के घेरे में है। इसके अलावा डाक्ट से पहले एक छोटी से दिवाल भी थी,उसको मरीज कैसे डक्ट के अंदर जा सकता है। फिलहाल जांच करायी जा रही है।