अगर यह हुआ – पहला संस्थान बनेगा केजीएमयू का बाल रोग विभाग

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लखनऊ। अगर सब कुछ ठीक रहा तो किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय नवजात शिशुओं का इलाज करने के लिए प्रशिक्षित करने वाला प्रदेश का पहला संस्थान बनेगा। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय स्थित बाल रोग विभाग जल्द ही स्टेट न्यू बार्न रेसोर्स सेंटर की स्थापना करने का प्रस्ताव यूनीसेफ को मंजूरी के लिये भेजा गया है। इस केन्द्र की स्थापना के बाद प्रदेश भर के मेडिकल कॉलेजों व सरकारी संस्थानों के बाल रोग विषेषज्ञों को नवजात शिशु की देख-रेख के बारे में जानकारी देने के अलावा प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

नवजात शिशुओं के लिए शुरु हो रहे इस सेंटर में डाक्टरों के साथ-साथ पैरामेडिकल स्टाफ व नर्सो को ट्रेनिंग देने का भी प्रस्ताव है। इस कोर्स की अवधि 18 दिन निर्धारित की गयी है। केजीएमयू प्रवक्ता डा. नरसिंह वर्मा ने बताया कि इसके तहत सबसे पहले वीरांगना आवंतीबाई अस्पताल में चार दिन की माड¬ूलर ट्रेनिंग की जायेगी। उसके बाद 14 दिन आबर्जवर शिप का आयोजन किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के बाल रोग विभाग के विशेषज्ञों द्वारा किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में किया जायेगा।

यह पाठ्यक्रम के उपरांत बच्चों की मृत्यु दर को कम करने में सहायक रहेगा। कम संषाधनों के समुचित प्रयोग से किस प्रकार शिशु की उन्नत देख-रेख हो सकती है, इसको ध्यान में रखकर पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम का संचालन प्रो. रश्मि कुमार, विभागाध्यक्ष, बाल रोग विभाग तथा प्रो. माला कुमार, बाल रोग विभाग द्वारा किया जायेगा। इस प्रकार का पाठ्यक्रम संचालन करने वाला केजीएमयू प्रदेश का पहला संस्थान होगा।

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